अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गांव लेंघा गोशाला में वीरवार देर रात को उस समय ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया, जब 9 ट्रक गायों को लेने के लिए वहां पहुंच गए। ग्रामीणों और गोमठ के महंत के साथ देर रात को ही गायों को ले जाने के मुद्दे पर बहस हुई और फिर मामला तोशाम पुलिस के पास पहुंचा। इस मामले की सूचना गोसेवकों को भी मिली तो यह मामला और भी भड़ग गया। ग्रामीणों ने ट्रकों की हवा निकाल दी। वही इस मसले पर शुक्रवार को पंचायत हुई। जिसमें कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।
लेघा गोमठ गोशाला में गायों को लेने के लिए करीबन 9 ट्रक देर रात को पहुंचे थे। ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने गायों को गोशाला से ले जाने के मामले में कई सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों ने गोशाला के महंत से भी बात की, मगर उस समय महंत ग्रामीणों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कुछ ग्रामीणों ने गोशाला के बाहर हुए हंगमे की वीडियो को भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिससे गो सेवकों को भी इस मामले की जानकारी मिली। ग्रामीणों का आरोप था कि गायों को देर रात को यहां से कहीं ले जाया जा रहा था, जबकि इनके ले जाने पर सवालों का कोई संतोषजनक जवाब भी गोशाला प्रबंधकों ने नहीं दिया तो उन्हें मामला संदिग्ध लगा। इसी के चलते ग्रामीणों ने वहां गायों को लेने पहुंचे ट्रकों के टायरों की हवा निकाल दी और जमकर बवाल काटा। ग्रामीणों के हंगामे की सूचना तोशाम पुलिस को मिली।
ट्रकों के चालक अपने हाथों में लिए थे रस्से
ट्रक चालक हाथों में रस्सियां लिए हुए थे। जब ग्रामीणों ने चालकों से गायों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उनको गाय लाने के लिए भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पुलिस ने कैंटर चालकों से गाय ले जाने के लिए कोई अनुमति प्रमाण पत्र मांगा हो तो उनमें से कोई भी व्यक्ति अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया। उसके बाद पुलिस सभी वाहनों को तोशाम थाने में ले आई। सभी चालक तथा गोशाला संचालक पुलिस हिरासत में थे।
बेनतीजा रही पंचायत
आठ गांवों की बुलाई पंचायत गोशाला से गाय भरने के मामले को लेकर शुक्रवार को नजदीकी आठ गांवों के मौजिज लोगों को बुलाया गया। बैठक करीब तीन चार घंटे तक चली लेकिन बिना किसी नतीजे के पंचायत खत्म हो गई। हालांकि बार बार पंचायत में गोशाला संचालक को बुलाए जाने की बात हुई , लेकिन पंचायत खत्म होने तक गौशाला संचालक मौके पर नहीं पहुंच पाया। जिसके कारण कोई फैसला नहीं हो पाया।
ये बोले सरपंच
गांव लेघा के सरपंच ने श्याम सुंदर ने बताया कि गायों को वाहनों में भरने का मामला संदिग्ध लगा। चूंकि उन्होंने कोई परमिशन पत्र नहीं दिखाया, लेकिन बाद में कहा जा रहा है कि उनके पास अनुमति पत्र है। जिसके चलते वे गायों को किसी दूसरी गोशाला में ले जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल मामला उलझ गया है। अब सभी गाड़ी चालक पुलिस की हिरासत में है। इस मामले को लेकर पंचायत भी हुई, लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
पूर्वी प्रदेशों में भेजी जाएंगी गाय, अनुमति से ले जा रहे थे गाय: डीएसपी
इस संबंध में डीएसपी कुलदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि जो लोग वाहनों में गायों को लेने के लिए आए थे। उनके पास गायों को ले जाने की अनुमति है। गायों को पूर्वी प्रदेश स्थित एक बड़ी गोशाला में भेजा जाना है। करीब एक हजार गाय वहां पर भेजी जाएंगी। उसके बाद भी मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों को पूरी तरह से इस मामले में संतुष्ट किया जाएगा। जांच की जा रही है।