भिवानी। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह महिला कार्यकर्ताओं के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को अपने कार्यकाल का सबसे बड़ा मातृ सम्मेलन बताया और महिलाओं में आत्मनिर्भरता के लिए जोश भरा। कहा, अपने पैरों पर खड़े होने का प्रण लें और इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएं।
शनिवार को भीम स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में हर साल वार्षिक आय के आधार पर प्रथम तीन समूहों को एक लाख, पचास हजार व पच्चीस हजार रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इन समूहों के प्रति सदस्य की आय के अनुसार इनाम दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि दीन दयाल ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की 26 हजार कार्यकर्ताओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्किल डेवलपमेंट कोर्स सिखाएंगे। दो लाख युवाओं में स्किल डेवलप करेंगे।
प्रदेश में कौशल विकास को प्रोत्साहन देते हुए दो लाख युवाओं को विश्वविद्यालय के माध्यम से किसी न किसी व्यवसाय या रोजगार से संबंधित प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।
पांच हजार करोड़ तक पहुंचाएंगे टर्नओवर: धनखड़
कृषि, पंचायत एवं विकास मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह नौकरों का नहीं, मालिकों का सम्मेलन है। इनका व्यवसाय भले ही आर्थिक दृष्टि से छोटा हो मगर इन महिलाओं की इच्छाशक्ति और हौसले बुलंद है। इन हौसलों को देखते हुए हमने यह तय किया है कि इनके उत्पादों को एक ब्रांड बना कर उसकी प्रमोशन सरकार करेंगी। सरकार का यह प्रयास है कि आने वाले पांच सालों में स्वयं सहायता समूहों का टर्नओवर अब जहां 130 करोड़ रूपये है, वह पांच हजार करोड़ रूपये सालाना तक पहुंच जाए। हम छह लाख परिवारों को इस मिशन के द्वारा जोडने का प्रयास कर रहे हैं।
बाजरे के बिस्कुट व लड्डू का स्वाद चखा
मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री ने स्वयं सहायता समूहो की ओर से लगाई गई स्टॉल व उनके उत्पादों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने झज्जर जिले के गांव बधानी से आए स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए बाजरे के बिस्कुट व लड्डू का स्वाद भी चखा।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल, सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्यामदास सर्राफ, बिशंभर वाल्मीकि व सुखविंद्र सिंह, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषिप्रकाश शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी दलाल, भाजपा जिला अध्यक्ष नंदराम धानिया, जिला परिषद़ चेयरमैन रमेश ओला, नगर परिषद चेयरमैन रणसिंह यादव, मुकेश गौड़, मीना परमार, शंकर धूपड़, ताराचंद अग्रवाल, ठाकुर विक्रम सिंह, रविन्द्र बापौड़ा, बबीता तंवर, जगदीश मित्ताथल, सुंदर अत्री, धीरज सैनी, सोनू सैनी, कपूर वाल्मीकि, राजकुमार धनखड़, कमल फौजी, ग्रवित के स्टेट कोर्डिनेटर राजीव कटारिया, रोहतक मंडल के आयुक्त चंद्रप्रकाश, उपायुक्त अंशज सिंह, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल, एसडीएम सतीश कुमार, नगराधीश महेश कुमार आदि मौजूद रहे।
झलकियां
- प्रदेश के विभिन्न जिलों से सौ से ज्यादा रोडवेज की बसों में महिलाओं को लाया गया।
- या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। कृषि मंत्री ने संस्कृत के श्लोक के साथ अपना संबोधन आरंभ किया।
- समारोह में गांव मुंढ़ाल की उर्मिला व फतेहाबाद की संतोष को लक्की ड्रॉ के माध्यम से दो स्कूटी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से दोनों महिलाओं को वाहन की चाबी भेंट की।
डूडीवाला के घर रूके सीएम
शहर में मुख्यमंत्री का पहला ठहराव भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश डूडीवाला के आवास पर हुआ। विद्यानगर स्थित आवास पर मुख्यमंत्री करीब 40 मिनट रूके। डूडीवाला के परिवार के सभी सदस्यों से मिले। इसके बाद सीएम कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की।