अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। एसवाईएल का पानी केवल हिमाचल प्रदेश के रास्ते से ही हरियाणा में लाया जा सकता है। आज सुप्रीम कोर्ट में चल रहे विचाराधीन एसवाईएल मामले का निकट भविष्य में निष्पादन संभव नजर नहीं आ रहा। क्योंकि, आज सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई सात सितंबर निर्धारित की है। यह बात एसवाईएल वाया हिमाचल मार्ग मंच के संयोजक एडवोकेट जितेंद्र नाथ ने कही। उन्होंने इसके लिए गांव जताई और तिगड़ाना में जनसंपर्क अभियान चलाया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जितेंद्रनाथ ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की लाइफ लाइन है। यह पानी हरियाणा को मिल जाता है तो यह धरती सोना उगलेगी। बताया कि मंच ने हिमाचल में नालागढ़ के रास्ते पंचकूला डैम से होते हुए पानी हरियाणा लाने का सुझाव राज्यपाल और मुख्यमंत्री को दिया था। इससे पंजाब के विरोध की समस्या नहीं रहेगी। बताया कि भौगोलिक दृष्टि से हिमाचल के रास्ते हरियाणा में पानी लाने से दूरी भी लगभग आधी रह जाएगी। अभी पंजाब से यह दूरी करीब 127 किलोमीटर पड़ती है। भाखड़ा नंगल डैम से वाया हिमाचल प्रदेश हरियाणा बॉर्डर केवल 67 किलोमीटर दूर है। बताया कि नंगल डैम से हरियाणा के जनसुई हेड तक डाउन स्ट्रीम भी हरियाणा के लिए फेवरेबल है। समुद्रतल से भाखड़ा डैम की ऊंचाई 518.16 मीटर है। नालागढ़ 372, कौशल्या डैम 364, अंबाला 264 और जनसुई हेड समुद्र तल से 241 मीटर ऊंचा है। इस तरह अगर एसवाईएल नहर में भाखड़ा नंगल बांध से हिमाचल के रास्ते पानी लाया जाता है तो सरकार को ज्यादा खर्च भी वह नहीं करना पड़ेगा।