पुलिस हिरासत से रिहा होन के बाद शहर में प्रदर्शन करती आशा वर्कर।
भिवानी। पंचकूला में विधानसभा घेराव में शामिल होने के लिए भिवानी से जा रहीं आशा वर्कर्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुराना बस स्टैंड के समीप सुबह सात बजे 105 आशा वर्कर्स व पदाधिकारियों को पुलिस ने तीन गाड़ियों में भरा और उन्हें लेकर पुलिस लाइन पहुंची। जहां से चार घंटे के बाद उन्हें छोड़ दिया। हिरासत में लेने के दौरान आशा वर्कर्स व पुलिस के बीच भी झड़प हुई।
आशा वर्कर यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू के आह्वान पर वेतन बढ़ोतरी और 2018 का समझौता लागू करने वास्ते आठ अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संगठन के आह्वान पर सोमवार को हरियाणा विधानसभा के बाहर चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय प्रदर्शन व घेराव कार्यक्रम रखा हुआ था। इसको लेकर सोमवार सुबह भिवानी से भी करीब सौ से अधिक आशा वर्कर्स सीटू पदाधिकारियों के साथ पुराना बस स्टैंड से एकत्रित होकर जाने लगी। इसी दौरान पुलिस ने तीन गाड़ियों में आशा वर्कर्स को जबरन बैठाने की कोशिश की। इस दौरान आशा वर्करों व पुलिस के बीच झड़प हुई। लेकिन पुलिस ने सभी पदाधिकारियों व आशा वर्कर्स को गाड़ियों में भरा और उन्हें नई पुलिस लाइन लेकर पहुंची।
आशा वर्कर्स ने पुलिस प्रशासन व सरकार के खिलाफ गाड़ियों में जमकर नारेबाजी की। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हुकम कौर और सचिव सुशीला ने पुलिस प्रशासन व सरकार के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की। सीटू जिला सचिव कामरेड अनिल कुमार, सीटू नेता सुखदेव पालवास व किसान सभा और माकपा नेता कामरेड ओमप्रकाश व सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कोषाध्यक्ष सुखदर्शन सरोहा ने कहा कि आशा वर्करों को जिस तरह जोर जबरदस्ती पुलिस द्वारा रोका गया है। यह सरकार की तानाशाही है। इस दौरान हिरासत व गिरफ्तारी देने वालों में दर्शना बलियाली, ऋतु, कृष्णा ढाणा लाडनपुर, मूर्ति, सुनीता गोलागढ़, किलोचना दिनोद, सुमन जाटू लुहारी, जनवादी महिला समिति जिला प्रधान संतोष देशवाल, किसान सभा नेता कामरेड ओमप्रकाश, नरेंद्र धनाना, नरेश शर्मा, सीटू नेता कामरेड अनिल कुमार, सुखदेव पालवास, भीम सिंह , फूलचंद समेत सैकड़ों आशा वर्कर्स शामिल थीं।