भिवानी। किसी गुनाह में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने वालों को भविष्य में अपराध से दूर रखने के लिए जिला प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध बहनें उनसे अपराध से दूर रहने का वचन लेंगी।
ये कार्यक्रम न केवल भारतीय परंपराओं से जुड़ा होगा बल्कि अपराध को कम करने की दिशा में भी एक अहम कदम होगा। भिवानी जिला जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर बहनों के लिए जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी की है। इसके तहत जेल प्रशासन की ओर से ही बहनों को मिठाई, राखी और तिलक का सामान मुहैया कराया जाएगा। भिवानी जिला कारागार में इस समय 657 विचाराधीन पुरुष बंदी हैं। वहीं 290 सजायाफता पुरुष कैदी हैं।
भिवानी जिला कारागार में 947 पुरुष बंदियों और कैदियों के लिए रक्षा बंधन पर अपनी बहनों से मिलने का विशेष मौका होगा। महिलाओं व बच्चों की बंदियों व कैदियों से मुलाकात कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है। जिला कारागार के एडमिन ब्लॉक में बंदी अपनी बहनों के ठीक सामने होंगे और अपनी कलाई पर प्यारी बहना से रखी भी बंधवाएंगे। उन्हें भेंट के रूप में बंदी सिर्फ एक ही वचन देंगे कि वे भविष्य में किसी भी अपराध से कोई सरोकार नहीं रखेंगे और न ही कोई ऐसा काम करेंगे। इसकी वजह से उन्हें फिर से लौटकर जेल में आना पड़े।
कई बहनों के लिए तो ये एक ऐसा भावुक पल भी होगा कि उन्हें पहली बार जेल में आकर अपने भाई को राखी बांधनी पड़ेगी, जबकि हर मौके पर वह हंसी खुशी घर पर आकर ही भाई को राखी बांधकर रक्षाबंधन त्योहार मनाती रही होगी। संवाद
जेल में राखी बांधने के दौरान बहनें हो जाती हैं भावुक
जिला कारागार एक ऐसी जगह है जहां कोई भी आना पसंद नहीं करता। खासकर जब खुशी का मौका हो। मगर बहन अपने भाइयों को इस विपरीत परिस्थिति में भी राखी बांधने आती हैं तो भाई को अचानक सामने देखकर आंखों से आंसू झलक जाते हैं। भावुक होकर फफक पड़ती हैं। ऐसी परिस्थिति में महिलाओं को संभालने के लिए महिला वार्डन भी मौजूद रहेंगी। जो उनका ढांढस बंधाने के साथ राखी बंधवाने की परंपरा को भी पूरा कराएंगी।
जिला कारागार के अंदर होगा उत्सव सा माहौल
जिला कारागार के रक्षा बंधन पर उत्सव सा माहौल होगा। जेल की कैंटीन के अंदर लड्डू की मिठाई तैयार की जाएगी और खाने में भी खास पकवान बनेंगे। 30 अगस्त की सुबह आठ बजे से ही रक्षाबंधन पर बहनें जेल में बंद बंदियों और कैदियों से मुलाकात शुरू कर देंगी। ये मुलाकात तब तक जारी रहेगी जब तक सभी बहनें भाइयों को राखी नहीं बांध लेती। मुलाकात के लिए मौके पर ही रजिस्ट्रेशन भी होगा।
रक्षाबंधन पर्व पर महानिदेशक जेल अकील मोहम्मद के निर्देशानुसार बंदियों व कैदियों के लिए राखी बांधने के लिए बहनों से मुलाकात कराई जाएगी। बहनों को राखी, मिठाई और तिलक का सामान भी जेल प्रशासन मुहैया कराएगा। इस दौरान बहनें अपने भाइयों से राखी बांधकर अपराध से दूर रहने का वचन भी लेंगी।
- सेवा सिंह, अधीक्षक, जिला कारागार भिवानी।