भिवानी। एंबुलेंस में मरीज को सही इलाज मिल रहा है या नहीं, चालक सहीं तरीके से चला रहा है या नहीं। या फिर कौन सा वाहन एंबुलेंस को साइड नहीं दे रहा है। ये सब जानने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी नई एंबुलेंस में सीसीटीवी कैमरे लगवाए है। प्रत्येक एंबुलेंस में तीन-तीन सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। भिवानी को हाल ही में 10 नई एंबुलेंस मिली मगर इनमें से चार एंबुलेंस दादरी भेज दी गई हैं। एंबुलेंस की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 और एंबुलेंस की मांग भेजी है।
लोगों की जीवनदायिनी समझी जाने वाली एंबुलेंस गाड़ियां कई बार चालक की लापरवाही के कारण जानलेवा भी साबित हो जाती हैं। समय से उपचार के चक्कर में एंबुलेंस चालक तेज दौड़ाते है। ऐसे में अगर चालक ने शराब पी हो या गलत चलाता हो तो हादसे की संभावनाएं बढ़ जाती है। अब एंबुलेंस पर रास्ते में भी पूरी नजर रखने का स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार बनाया है। नए प्लान के तहत नई भेजी सभी एंबुलेंस में तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। एक कैमरे का फोकस पूरी तरह चालक की गतिविधि पर रहेगा। चालक किसी हालत में और कैसे गाड़ी चला रहा है। शराब के नशे में तो नहीं है। या गलत तरीके से तो नहीं चला रहा। दूसरा सीसीटीवी कैमरा अंदर की तरफ मरीज पर रहेगा। यहां देखा जाएगा कि ईएमटी मरीज की रास्ते में केयर अच्छे से कर रहा है या नहीं। वह मरीज को प्राथमिक उपचार दे रहा है या नहीं। एंबुलेंस में एक और कैमरा लगाया गया है। जो चालक की सीट के पीछे ही रहेगा मगर इसका फोकस एंबुलेंस के सामने वाले वाहनों पर रहेगा। एंबुलेंस को कौन सा वाहन साइड दे रहा है और कौन सा नहीं। जो वाहन एंबुलेंस को साइड नहीं देगा, उसका चालान किया जाएगा। इसके लिए चालान वाहन मालिक के घर पहुंचाया जाएगा।
शराबी चालकों पर रहेगी नजर
भिवानी-दादरी में शराब पीकर एंबुलेंस चलाने वाले चालकों पर रखी जा सकेगी। अनेक दफा सामने आया कि ड्यूटी के दौरान भी कुछ चालक शराब का सेवन कर लेते है और इमरजेंसी केस आने पर जल्दबाजी में एंबुलेंस लेकर निकल पड़ते है। जिससे ना केवल उनकी स्वयं की बल्कि एंबुलेंस में मौजूद अन्य स्टाफ सदस्य, मरीज, मरीज के साथ जाने वाले परिजनों की जान को भी खतरा रहता है।
एंबुलेंस की कमी, भेजी 15 की मांग
करीब चार साल पहले जिले में 33 एंबुलेंस थी। आज महज 16 एंबुलेंस ही शेष बची है। मांग के बाद 10 एंबुलेंस मिली थी। मगर उच्च अधिकारियों के आदेश आ गए कि चार एंबुलेंस चरखी दादरी जिले में भेजी जाए। अब स्थानीय स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने नए सिरे से 15 एंबुलेंस की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी है।
16 एंबुलेंस पर 24 ईएमटी
जिले में फिलहाल है 16 एंबुलेंस है और इनमें मरीज को इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा देने के लिए महज 24 ईएमटी है। जबकि नियमानुसार प्रत्येक एंबुलेंस पर तीन-तीन चालक और तीन-तीन ईएमटी होने चाहिए ताकि रोटेशन वाइज तीनों शिफ्टों में काम सुचारू चल सके। मगर ईएमटी की संख्या कम होने के कारण अब अनेक जगह रात्रि एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो रही है। विभाग को इन 16 एंबुलेंस के लिए ही 24 और ईएमटी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल चालक भी करीब 44 है।
नई एंबुलेंस के अंदर तीन सीसीटीवी लगे है जो अंदर और बाहर की गतिविधि पर नजर रखेंगे। अगर कोई चालक गलत तरीके से या शराब पीकर चलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह मरीज भी सीसीटीवी कैमरे की नजर में रहेगा। इससे पता लग सकेगा कि रास्ते में उसे कैसा इलाज दिया गया। एंबुलेंस और स्टाफ की कमी है। जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर मांग की गई है।
डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन