शेरला बिजलीघर में 7 से 9 लाख रुपये का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
बहल
डेरा अनुयायियों द्वारा की गई शेरला 33 केवी बिजली घर में आगजनी की घटना से बिजली सामान का भारी नुकसान हुआ है। अनुमान है कि आगजनी से सात से आठ लाख रुपये का सामान जल गया है। ये जानकारी एसडीओ बिजली निगम सतीश चंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में दी। उन्होंने बताया कि आगजनी में बिजली घर के कंट्रोल पैनल रूम में रखे गए दो सीआर पैनल, एक ओटीएलसी पैनल, एक एपीएफसी वीसीबी, एक एपीएफसी कंट्रोल पैनल, एक डीसी बैटरी 24 वोल्ट, चार एलटी बॉक्स के अलावा रिकार्ड जल गया। पुलिस ने एसडीओ की शिकायत पर दो नामजद मन्नु नूनसर तथा महेन्द्र चैहड़ कलां के अलावा तीन अन्य लोगों के खिलाफ भादसं की धारा 148, 149, 186, 188, 427, 436, 506 तथा 3 प्रिवेंशन ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1984 के तहत केस दर्ज किया है।
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17 घंटे बाद बहाल हुई गांवों की बिजली सप्लाई
डेरामुखी को दोषी करार दिए जाने से खार खाए डेरा प्रेमियों ने शुक्रवार शाम को अपना गुस्सा सेरला बिजली घर पर निकाला। बिजली घर के कंट्रोल पैनल रूम में लगाई गई आग से सेरला 33 केवी बिजली घर से जुड़े सेरला, बिधनोई तथा नूनसर गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा बिजली घर से चैहड़ एवं सिधनवा गांव के खेतों की सप्लाई भी बाधित हो गई। इस कारण शाम साढे छह बजे गुल हुई बिजली सुबह 11.30 बजे बहाल हो पाई। बिजली कर्मियों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर करीब 11.30 बजे नूनसर, बिधनोई तथा सेरला की घरेलू बिजली सप्लाई को सुचारु किया। सेरला पावर हाऊस से 6 फीडर (पांच एपी तथा एक डीएस) जुड़े हैं।
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किसान संगठनों ने की आगजनी की घटना की निंदा
डेरामुखी राम रहीम को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद के उपजे हालात पर सामाजिक संगठनों ने जमकर निंदा की है। अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रदेश शर्मसार हुआ है। किसान सभा की मीटिंग की अध्यक्षता भगवान सिंह ने की तथा मीटिंग में मांगेराम, महीपाल, कृष्ण सहित अनेक लोग मौजूद रहे। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि समाज में ऐसी घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है जो न्यायप्रणाली के फैसले के खिलाफ हो और जिससे जनता को नुकसान पहुंचा हो। किसान नेता महाबीर चहल गोकलपुरा ने भी तोड़फोड़ की घटनाओं की कड़ी भर्त्सना की है।