बस स्टैंड पर धरने के दौरान नारेबाजी करते रोडवेज कर्मचारी। स्रोत : यूनियन
भिवानी। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर भिवानी डिपो में रोडवेज कर्मचारियों ने 9 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल की। इस हड़ताल की अध्यक्षता डिपो प्रधान अनिल फौजी ने की, जबकि संचालन डिपो सचिव अनिल नागर ने किया।
संगठन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद और राज्य उप महासचिव पवन शर्मा ने कहा कि सरकार को रोडवजे बेड़े में निजी बसों के बजाय 10,000 नई सरकारी बसें शामिल करनी चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों की कर्मशाला सहित खाली पड़े पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती की जाए। उन्होंने पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को बहाल करने की भी मांग की।
यूनियन ने बताया कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के दौरान विभाग की तबादला नीति में खामियों पर लिखित आपत्ति जताई गई थी। यूनियन ने तबादला नीति को रद्द करने और चालकों-परिचालकों के आपसी स्थानांतरण की मांग की। कर्मचारियों को उनके गृह जिले में भेजने का भी आग्रह किया गया।
साथ ही कर्मचारियों ने एचकेआरएन से लगे सभी कर्मचारियों को पक्का करने और दादरी डिपो में भर्ती 52 हेल्परों को शीघ्र पक्का करने की मांग की। यूनियन ने घोषणा की कि 12 फरवरी को पूरे देश के कर्मचारियों, किसानों और मजदूरों के साथ मिलकर हरियाणा में पूर्ण हड़ताल की जाएगी। 15 जनवरी को जींद में होने वाले सम्मेलन और 22 फरवरी को परिवहन मंत्री के कैंप कार्यालय पर होने वाले मास डेपुटेशन में भी रोडवेज कर्मचारी भारी संख्या में भाग लेंगे। इस मौके पर रामकिशन, सोनू प्रजापत, प्रदीप दुग्गल, जसवंत सिंह, राजेश शर्मा आदि उपस्थित थे।