एक बार फिर शहर के वार्डों के अंदर साफ सफाई और स्ट्रीट लाइटों के संचालन नहीं होने का मुद्दा नगर परिषद की बैठक में हंगामे की वजह बना। पार्षदों ने वार्डों के अंदर सफाई नहीं होने का मुद्दा उठाया तो चेयरमैन ने भी नाराजगी जताई। चेयरमैन ने सफाई ठेकेदार के साथ सेनेट्री इंस्पेक्टर को फटकार लगाई। वहीं स्ट्रीट लाइटों के संचालन नहीं होने पर भी ठेकेदार की क्लास भी लगाई। सफाई ठेकेदार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। पार्षदों के हंगामे के बीच शहर से कूड़ा उठान के लिए दो डंपर प्लेसर मशीनों की खरीद करने व सवा करोड़ की लागत से 10 गलियों के निर्माण का मसौदा भी मंजूर हुआ। वहीं शहर के विभिन्न स्थानों पर 25 हाई मास्क लाइटें लगाने के प्रस्ताव को भी पार्षदों ने मंजूरी दी।
मंगलवार दोपहर को रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन रणसिंह यादव व उपाध्यक्ष मामनचंद की अध्यक्षता में बैठक हुई। नगर परिषद की बैठक में मौजूद पार्षदों का कहना था कि कई वार्डों के अंदर ठेकेदार के सफाई कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं। इसी दौरान वहां सफाई ठेकेदार को भी बुलाया गया। जिसे शहर के वार्डों व अपने इलाके में ठीक से काम नहीं कराए जाने पर नप अधिकारियों ने झाड़ पिलाई। उसे तीन दिन का समय पूरी सफाई के लिए दिया गया।बैठक में मौजूद सेनेट्री इंस्पेक्टर की भी क्लास लगाई गई। बैठक में नपा के उप प्रधान मामनचंद ने शहर के वार्डों में नई लगी एलईडी लाइटों के संचालन नहीं होने की बात को उठाया। मामन चंद ने कहा कि एलईडी लाइटें लगाने के बाद से ही बंद पड़ी हैं, जिस पर पड़ताल की तो पता चला कि इनकी तो छह माह की गारंटी ही खत्म हो चुकी है। इस पर बैठक में मौजूद पार्षदों ने भी अपनी नाराजगी जताई। जिस पर नप चेयरमैन ने लाइट इंस्पेक्टर को बुलाकर खराब पडी एलईडी का एस्टीमेट बनाकर इनका रिपेयरिंग बजट में मामला रखने की हिदायतें दी। अब नगर परिषद खराब पड़ी एलईडी लाइटों को रिपेयरिंग कराएगा। वहीं बैठक में सवा करोड़ के बजट से करीबन दस नई गलियों के निर्माण का प्रस्ताव भी पास किया गया। इसके अलावा शहर के 17 से 18 स्थानों पर हाई मास्क लाइटें लगेंगी। सेक्टर और शहर के लिए 50 लाख से स्ट्रीट लाइटों की खरीद की जाएगी।
आचार संहिता से पहले सभी कार्यों के कराए जाएं टेंडर
बैठक में मौजूद पार्षदों ने कहा विधानसभा चुनावों की आहट से कभी भी आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में नप की भावी योजनाएं और बजट बीच में ही ना लटक लाए इसके लिए आचार संहिता से पहले ही कार्यों के टेंडर कराएं जाए। नगर पार्षदों की इस मांग पर चेयरमैन और अधिकारियों ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया।
नगर परिषद की बैठक में सभी पार्षदों से उनके वार्डों के अंदर कार्यों का ब्योरा मांगा। वहीं वार्ड पार्षदों के सामने आ रही समस्याएं भी सुनी। इसके अलावा बैठक में शहर के अंदर साफ सफाई और स्ट्रीट लाइट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सभी को साथ लेकर काम किया जाएगा। करीबन सवा करोड़ के बजट से गलियों के कार्यों पर भी चर्चा हुई है। शहरवासियों से भी शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए पार्षदों व नगर परिषद का सहयोग करने का अनुरोध किया गया।
-रणसिंह यादव चेयरमैन नगर परिषद भिवानी।