अंबाला। छात्रों को साइबर अपराध और नशे से बचाने के मकसद से अमर उजाला फाउंडेशन ने पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। शुक्रवार को बलदेव नगर पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित पाठशाला में ट्रैफिक पुलिस के कार्यक्रम अधिकारी अनिल ने चार बिंदुओं के माध्यम से छात्रों को कानून का पाठ पढ़ाया। साथ ही साइबर ठगी और नशे से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में नौजवान युवक शौकिया तौर पर नशा करना शुरू करते हैं लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत पड़ जाती है। ऐसे में इस लत से बचने के लिए हमें बुरी आदतों को पहले दिन से ही न कहना होगा। उन्होंने कहा, वर्तमान दौर में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साइबर क्राइम और युवाओं में बढ़ता नशा है। इससे बचने के लिए हमें जागरूक होने के साथ अपने आसपास के लोगों और परिवार वालों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताना होगा।
नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ
प्रधानाचार्य सतबीर सिंह सैनी ने पुलिस की पाठशाला के माध्यम से ही छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई की ओर ध्यान देने के लिए प्रेेरित किया। कहा कि छात्र को पहले ही जीवन में लक्ष्य तैयार करना चाहिए कि उसे आईएएस बनना है या आईपीएस, डॉक्टर या वकील। उसी के मुताबिक पढ़ाई करनी चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि छात्रों को यह ही नहीं पता होता है कि आगे उन्हें करना क्या है। ट्रैफिक पुलिस के कार्यक्रम अधिकारी अनिल ने नशे से दूर रहने व ट्रैफिक नियमों का पाल करने की भी शपथ दिलवाई। छात्रों ने प्रण लिया कि वह खुद के साथ-साथ अपने संपर्क में आने वालों को भी जागरूक करेंगे।
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समय-समय पर होने चाहिए जागरूकता कार्यक्रम
बारहवीं कक्षा के रणवीर ने कहा कि नशे व साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इस तरह के कार्यक्रम स्कूल स्तर पर समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, जिससे कि जागरूकता बनी रहे।
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युवा पीढ़ी को जागरूकता की बहुत जरूरत
शिक्षिका ऋतु शर्मा ने बताया कि युवा पीढ़ी को जागरूकता की बहुत जरूरत है। अच्छे बुरे की समझ न होने के कारण छोटी उम्र में ही दोपहिया और चौपहिया वाहन लेकर सड़कों पर निकल पड़ते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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अमर उजाला की अच्छी पहल
शिक्षिका ज्योति ने बताया कि अमर उजाला की यह अच्छी पहल है कि स्कूल लैवल पर ही बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। यहीं समय होता है जब बच्चे अच्छे या बुरे रास्ते पर चलते हैं। इसी समय पर उन्हें फर्क समझाने वाले मिल जाए या फिर कार्यक्रम आयोजित किए जाए तो काफी बदलाव देखने को मिलेगा।
शिक्षिका ऋतु शर्मा
शिक्षिका ऋतु शर्मा
शिक्षिका ऋतु शर्मा
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