अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आरपीएफ पोस्ट के ठीक सामने एक युवक देखते ही देखते ट्रेन की ओएचई यानी ओवर हेड इलेक्टि्रकल पोल पर चढ़ गया। सोमवार शाम करीब पांच बजे यात्रियों और आरपीएफ पोस्ट के मुलाजिमों की नजर पड़ी तो उन्होंने युवक को नीचे उतरने के लिए कहा लेकिन देखते ही देखते वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। जोरदार धमाकों के साथ युवक झुलसकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। झुलसे युवक की पहचान छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर के चांपा गांव निवासी 18 वर्षीय रोहित के रूप में हुई। गंभीर हालत में उसे नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से शाम करीब छह बजे अस्पताल की तरफ से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया लेकिन रात करीब साढ़े नौ बजे तक उसे एंबुलेंस ही नहीं मिली। रोहित के साथ कोई परिजन न होने के कारण किसी ने उसकी सुध लेना तक उचित नहीं समझा। यहीं कारण रहा कि दर्द से कराहते हुए रोहित ने छावनी नागरिक अस्पताल की माइनर ओटी में ही दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
युवक के मामा गजानंद वर्मा ने बताया कि रोहित दो भाई बहन है। उसके पिता का देहांत हो चुका है। दो दिन पहले ही रोहित अपने दोस्तों के साथ छत्तीसगढ़ से काम पर जाने की बात बोलकर निकला था। मामा ने बताया कि सोमवार दोपहर को ही किसी के मोबाइल से फोन करके रोहित ने बताया था कि उसके पास पैसे खत्म हो गए हैं। उसने कहा था कि दो सौ रुपये इसी नंबर पर ऑनलाइन पेमेंट के जरिए भेज दो। इसके बाद उन्होंने दो सौ रुपये भेज दिए। उस समय यह नहीं पता था कि रोहित अंबाला में है। रोहित ने यह भी बताया था कि उसके दोस्त पीछे छूट गए हैं। शाम को पुलिस से सूचना मिली कि वह हादसे का शिकार हो गया है।
आनन-फानन में आरपीएफ के मुलाजिमों ने रेलवे डॉक्टर को बुलाया और युवक को उपचार के लिए छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। इसके बावजूद एंबुलेंस न मिलने से उसने तड़पकर दम तोड़ दिया।
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घटना की कई यात्रियों ने बनाई वीडियो, किया वायरलओएचई से झुलसकर गिरने संबंधी हादसे का वीडियो कई यात्रियों ने मोबाइल में भी कैद कर लिया जो खूब वायरल हुई। घटना के बाद देर रात तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई कि आखिर युवक ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
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रिमाइंडर करने के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर आरती ने बताया कि डॉक्टर द्वारा रेफर किए जाने के बाद 108 और डायल 112 दोनों नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन कर दिया गया था। बताया था कि कोई अज्ञात मरीज है और चंडीगढ़ पीजीआई रेफर है। उसके बाद उन्होंने कहा था कि एंबुलेंस आ रही है। बाद में रिमाइंडर भी किया गया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।
डाक्टर बोले- एंबुलेंस न आने तक निगरानी में रखा पर मौत हो गई
अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल के डॉक्टर कौशल ने बताया कि उनके पास पांच बजकर 35 मिनट पर रेलवे स्टेशन अंबाला कैंट से एक युवक गंभीर हालत में आया। बताया गया कि उसने हाईटेंशन लाइन से खुद आत्महत्या करने का प्रयास किया। प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। इस बारे में संबंधित थाना पुलिस को भी सूचित कर दिया गया था। एंबुलेंस न आने तक उसे अपनी निगरानी में रखा था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
...और मरीज की मौत सुनकर काट दिया फोन
जीआरपी थाना प्रभारी धर्मवीर ने बताया कि रात को 10 बजे के बाद अस्पताल से उन्हें रूक्का मिला है और तुरंत कर्मचारी को मौके पर भेज दिया गया है। हालांकि रोहित की मौत के बाद दोबारा से फोन किया तो 108 नंबर पर बैठी एक महिला ने कहा कि अभी भेजते हैं एंबुलेंस। जब मरीज की मौत के बारे में बोला तो उन्होंने फोन काट दिया। उधर, सिविल सर्जन अंबाला डॉ. राकेश सहल को फोन किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में जानकारी नहीं है।