- अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रही तारीख पर तारीख, इलाज के लिए बढ़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद जब अस्पताल खुला, तो ओपीडी में मरीजों की भीड़ दिखी। मरीजों को जांच के लिए लंबी तारीखें और काउंटर बंद मिलने जैसी परेशानियों से जूझना पड़ा। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को आगे की तारीखें दी जा रही हैं। अस्पताल की इमरजेंसी में एक्स-रे मशीन 20 दिनों से खराब पड़ी है। इसके कारण भी ओपीडी पर भार आ गया है।
गोवर्धन नगर से पहुंची गर्भवती संजना जब अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लंबी कतार के बाद अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं, तो उन्हें सीधे 18 तारीख का समय थमा दिया गया। वहीं, सोंडा कॉलोनी से पेट दर्द की गंभीर शिकायत लेकर आईं रिंपी जब अल्ट्रासाउंड काउंटर पर पहुंचीं, तो समय से पहले ही काउंटर बंद मिल चुका था। अस्पताल में सामान्य अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को हफ्तों का इंतजार करना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह अस्पताल में केवल एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन का होना और रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी है।
नेत्र विभाग में पर्ची काटने से इनकार
अस्पताल के नेत्र विभाग में भी मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। लालरू मंडी से आईं ज्ञानो देवी, जिनकी दो महीने पहले आंखों में लेंस डाले गए थे, जब फॉलोअप जांच के लिए पहुंचीं तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने पर्ची काटने से साफ मना कर दिया। ऑपरेटर का कहना था कि डॉक्टर ने आगे पर्ची काटने से मना किया है। ऐसा ही दर्द गुरजिंदर कौर को भी झेलना पड़ा, जिनकी आंख में कुछ गिर गया था। परिजनों का कहना है कि नेत्र विभाग में रोजाना करीब 150 ओपीडी होती हैं।
इस बीच, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राजेश ने कहा कि आजकल बच्चे घरों के भीतर ज्यादा समय बिताते हैं और आउटडोर गेम नहीं खेलते। आंखों के विकास के लिए प्राकृतिक धूप बेहद जरूरी है। धूप न मिलने के कारण कम उम्र के बच्चों में भी मोतियाबिंद और आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं तेजी से देखने को मिल रही हैं।
इमरजेंसी में प्राइवेट सेंटर का सहारा
अस्पताल की व्यवस्थाओं की लाचारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि किसी गर्भवती महिला का इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड केस आता है, तो उसे मजबूरन जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शहर के प्राइवेट शांति अल्ट्रासाउंड सेंटर भेजना पड़ता है। हालांकि, इस स्थिति में पूरा खर्च सरकार वहन करती है, लेकिन सरकारी अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आ रही हैं। वहीं, बीते 15-20 दिनों से अस्पताल की इमरजेंसी एक्सरे मशीन भी खराब पड़ी है, जिससे मरीजों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं।
अस्पताल के नियमों के तहत दोपहर 12 बजे के बाद पर्चियां नहीं काटी जाती हैं। अस्पताल में जनरल अल्ट्रासाउंड के लिए केवल एक ही डॉक्टर तैनात हैं, जो सोमवार को कोर्ट में पेशी पर गए हुए थे। रेडियोलॉजिस्ट और मशीनों की कमी के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है।
- डॉ. रेनू बेरी, पीएमओ, सिटी नागरिक अस्पताल