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गांव की छोरी लाई मेडल, पंचायत ने दी दावत

Sun, 18 Dec 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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मैडल - फोटो : buraeau
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गांव की कक्षा छठी की बेटी पहली बार सीबीएसई के नेशनल स्कूल गेम्स के जूडो मुकाबले में कांस्य पदक जीतकर गांव में लौटी। ये मुकाबले विगत दिनों भोपाल में संपन्न हुए थे। बेटी ने अपने स्कूल की ओर से इसमें भाग लिया था और राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त कर पदक भी जीता।
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ग्राम पंचायत लंडा को जब इसकी सूचना बेटी के किसान पिता विक्रम से मालूम चली तो तुरंत ग्राम पंचायत ने फैसला किया कि अब से किसी भी क्षेत्र में गांव की छोटी या बड़ी बेटी राज्य, देश व विदेश में अपना व गांव का नाम रोशन कर लौटती है, तो उसका गांव में अलग अंदाज से स्वागत और सम्मान होगा।
इस प्रथा को रविवार से ही गांव लंडा में शुरू कर दिया गया। इसी नई प्रथा के चलते गांव की पंचायत ने पहले तो ग्रामीणों की मदद से एक खुली जीत का इंतजाम किया और उसमें ग्यारह साल की बेटी वंशिका को बिठाया। उसके बाद छठी कक्षा की इस छात्रा को मेडल के साथ गांव में घूमाया गया। इस दौरान बाकायदा ढोल का इंतजाम किया गया, खुली जीप चलती रही, ढोल बजता रहा और इसकी आवाज सुनकर हर ग्रामीण घर से निकलकर बेटी के स्वागत देखता रहा।
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उसके बाद बेटी को ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में ले जाया गया और वहां इस नए रिवाज के मुताबिक दावत का इंतजाम किया गया। इस दौरान बाकायदा बेटी के स्कूल के स्टाफ और कोच मोनिका को भी बुलाकर सम्मानित किया गया। पूरे गांव को जलपान करवाकर बेटी को ग्राम पंचायत की ओर से विशेष सम्मान दिया गया। इस दौरान बेटी के किसान पिता विक्रम व मां नीतू बहुत खुश रही। ये सारा कार्यक्रम सरपंच मंजीत सिंह की देखरेख में हुआ। जबकि इस मौके पर पंचायत सदस्य कुलदीप कुमार, गुरदेव सिंह, कर्मजीत, सुखविंदर कौर, विजय कौर, परमजीत कौर, अजैब सिंह, सुभाष कुमार, पुन्नू राम,धीरज आदि मौजूद रहे।
वंशिका इस उपलब्धि पर समस्त गांव वासियों को गर्व है। वंशिका को जूडो की एक खेल किट प्रदान की जाएगी। अब ग्राम पंचायत ने फैसला लिया है किकोई भी छोरी यदि गांव का नाम किसी भी फील्ड में राज्य, देश या विदेश में रोशन करेगी, तो उसका स्वागत गांव में इसी तरह से होगा। बेटी वंशिका के स्वागत से गांव में इस परंपरा को शुरू कर दिया गया है।
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