अंबाला सिटी। पुलिस लाइन के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला हुई। इसमें छात्र-छात्राओं को पुलिस अधिकारियों ने दुर्गा शक्ति एप, डायल 112 और ट्रिप मॉनीटरिंग सुविधा के बारे में बताया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को साइबर विशेषज्ञों ने साइबर अपराध और उनसे बचने के उपाय बताए। इस दौरान बताया कि घर से बाहर अगर महिला कहीं जा रही है तो वह पुलिस की ट्रिप मॉनीटरिंग सुविधा का लाभ ले सकती है। इसमें वह जहां-जहां जाएगी पुलिस ऑनलाइन उसकी निगरानी रखेगी।
पुलिस का उद्देश्य है कि महिला सुरक्षित अपने घर पहुंचे। इस कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल भी किए, जिनके विशेषज्ञों ने जवाब भी दिए। इस दौरान मंच संचालक अध्यापक कुनाल शर्मा ने किया। वहीं कार्यक्रम में दुर्गा शक्ति टीम से एसपीओ रूपरेखा, अध्यापक नवजीत, जतिंदर कौर, कुसुम रानी और रमनजीत सिंह मौजूद रहे।
पुलिस करेगी महिलाओं की सुरक्षा
महिला थाने से एएसआई रेनू बाला ने छात्र-छात्राओं को बताया कि दुर्गा शक्ति एप और डायल 112 आज के समय में हर नागरिक के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें स्कूल से ही इसके बारे में जानकारी मिल जाए तो हम जागरुकता दूसरों को भी दे सकते हैं। इसके साथ ही असुरक्षित माहौल होने पर हम पुलिस की मदद भी ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि छात्राओं के मोबाइल में यह मोबाइल एप तो जरूर ही होना चाहिए। इसके साथ ही पुलिस किस प्रकार से छात्र छात्राओं की मदद कर सकती है इसकी जानकारी भी दी गई। उन्हें मोबाइल में एप का इस्तेमाल भी बताया गया।
साइबर ठगी के मामले बढ़े, सतर्कता बरतें
साइबर एक्सपर्ट नवदीप ने बताया कि सोशल मीडिया से आजकल काफी धोखाधड़ी के मामले बढ़ गए हैं। लोग लालच में आकर सोशल मीडिया पर आए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, क्योंकि उसमें लालच दिया जाता है कि मंहगा सामान सस्ता मिल रहा है। ऐसा काम करने वाले लोग आसानी ने मोबाइल उपभोक्ता को फंसा लेता है। उन्होंने कहा कि जब भी ऑनलाइन शॉपिंग करें तो कैश ऑन डिलीवरी को ही चुनें। इसके साथ ही वाट्सएप पर आने वाली अज्ञात वीडियो कॉल को न उठाएं। क्योंकि स्कैमर्स फोटो एडिट कर गलत फायदा उठाते हैं और ब्लैकमेल करते हैं।
कभी न बनाएं किसी की फेक आईडी
साइबर एक्सपर्ट बबित ने बताया कि कभी भी किसी भी विद्यार्थी या किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो ताे तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर डायल करें। अगर यह नंबर न मिले तो वेबसाइट साइबर क्राइम डॉट जीओपी डॉट इन पर अपनी शिकायत पंजीकृत कर सकते हैं। जिसमें खाता नंबर, ट्रांजेक्शन नंबर, समय और जिस नंबर से फोन आया है उसकी जानकारी देनी होती है। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी की भी फेक आईडी सोशल मीडिया पर न बनाएं।