अंबाला। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं नए-नए आयाम स्थापित कर रही हैं। यह महिलाएं समूह से जुड़कर जुट के बैग बना रही हैं और अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। इसी तरह से कुछ महिलाएं प्रशिक्षण लेकर अन्य महिलाओं और युवतियों को ब्यूटी पार्लर का कोर्स करवा रही हैं ताकि वह अपनी आजीविका कमा सकें।
जुट के बैग बना रही सोनिया
बिलासपुर निवासी सोनिया ने बताया कि दो साल पहले गांव में स्वराज प्रेरणा प्रोजेक्ट के तहत मेघा मैडम आई थीं, उन्होंने स्वयं सहायता समूह के बारे में बताया कि कैसे महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी आजीविका चला सकती हैं। इसके बाद उन्होंने शहजादपुर में जूट के बैग बनाने का प्रशिक्षण लिया। अब वह ममतेश समूह से जुडृकर जूट के बैग बना रही हैं। उनके ग्रुप में मोना, बिंदर, ममतेस, कविता सहित 10 महिलाएं हैं, यह सभी महिलाएं पानी की बोतल के बैग, लंच बॉक्स के बैग और खरीदारी करने वाले बैग सहित अन्य बैग बना रहीं हैं। इसके बाद यह महिलाएं इन्हें शहजादपुर, पंचकूला, अंबाला, नारायणगढ, कक्कड़ माजरा सहित अन्य स्थान पर स्टॉल लगाकर बेचने का काम भी करती हैं। सोनिया के अनुसार वह बैग के साथ-साथ महिलाओं के सूट भी बनाती हैं और इससे उन्हें अतिरिक्त आय होती है।
एक हजार युवतियों को दे चुके ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण
नग्गल निवासी मनीषा ने बताया कि उन्होंने ग्रेजुएशन की हुई हैं। 2014 में उन्होंने आईटीआई से ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया था। 2016 में इस दौरान उन्हें शिक्षिका सोनिका ने आरसेटी कोर्स से जुड़वाया। अब वह डोमिन स्किल प्रशिक्षक हैं। नौ साल से वह युवतियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दे रही हैं। अब तक 1 हजार युवतियों को वह प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इसके साथ ही एक बैच में 35 युवतियां होती हैं। प्रशिक्षण लेने के बाद युवतियां लोन लेकर अपना ब्यूटी पार्लर खोलती हैं।
जुट के बैग के बारे में जानकारी देती सोनिया। स्वयं
जुट के बैग के बारे में जानकारी देती सोनिया। स्वयं