अटल कैंसर केयर केंद्र में ब्रेस्ट के कैंसर निकालने के बाद मरीज के संग खड़े डॉक्टर व अन्य स्टाफ:
अंशु शर्मा, अंबाला। ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ा एक जटिल ऑपरेशन छावनी के अटल कैंसर केयर केंद्र में हुआ। पहली बार कैंसर निकालने के बाद किसी महिला की ब्रेस्ट को बचा लिया। यह सफल ऑपरेशन ओंको सर्जन डॉ. अनुज की टीम ने किया।
अक्सर होता यह था कि ब्रेस्ट कैंसर काफी बिगड़ने पर ब्रेस्ट में गांठें बन जाती थी। ऐसे में पूरी ब्रेस्ट को ही निकाल दिया जाता था और उसे बाद महिलाओं को शरीर में हुए बदलाव के बाद काफी मायूसी होती थी। यमुनानगर की 55 वर्षीय सुनीता ने करीब तीन घंटे चले इस ऑपरेशन के सफल होने के बाद ओंको सर्जन डॉ. अनुज, बेहोशी की डॉक्टर अनु और अन्य स्टाफ को धन्यवाद दिया।
प्लास्टिक सर्जरी से हुआ संभव
ओंको सर्जन डॉ. अनुज ने बताया कि नागरिक अस्पताल में पहले भी ब्रेस्ट कैंसर का उपचार होता आ रहा है और ऑपरेशन भी हो रहे हैं लेकिन ब्रेस्ट को सुरक्षित करने वाला ऑपरेशन काफी जटिल होता है। छोटे से हिस्से में से कैंसर निकालने के बाद बहुत ही बारीकी से कई गांठ को निकाला गया। फिर ऑपरेशन के बाद ही प्लास्टिक सर्जरी भी की गई और पूरी ब्रेस्ट को तैयार किया गया। बता दें कि यमुनानगर निवासी 55 सुनीता एक सप्ताह पहले ही अस्पताल में आई थी।
गांठ या फिर ब्रेस्ट में बदलाव होने पर तुरंत कराएं जांच
डॉ. अनुज ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि गांठ होने पर महिलाएं उसे नजरअंदाज कर देती है। 30 वर्ष की उम्र के बाद सबसे ज्यादा मामले आते हैं। इसलिए समय रहते ब्रेस्ट में गांठ या फिर कोई बदलाव महसूस होता है तो तुरंत ही उसकी संबंधित विशेषज्ञ से जांच करवाकर उसका उपचार शुरू कर करवाएं। समय रहते उपचार मिल जाए तो शुरूआती चरण में ही इसे ठीक किया जा सकता है।