अंबाला। एक माह पहले आई बाढ़ से शहर के साईं का बाग व विकासपुरी के खाली प्लाटों व निचली गलियों में अभी तक गंदा पानी भरा है। पानी निकासी की उचित व्यवस्था और गलियों में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन की अनदेखी पर शनिवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दोनों कॉलोनियों के लोग अंबाला-जगाधरी हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पुलिस कर्मचारियों के साथ पहुंचे महेश नगर थाना प्रभारी ने लाठी फटकार कर लोगों को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद डीएसपी आशीष चौधरी व नगर परिषद के सचिव राजेश, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर विनोद बैनिवाल ने उन्हें समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया तो वे लौट गए।
प्रदर्शन कर रहे दोनों क्षेत्रों के लोगों का आरोप था कि पिछले एक माह से साईं का बाग व विकासपुरी के खाली प्लाटों और गलियों में बाढ़ का गंदा पानी भरा है लेकिन नगर निगम और प्रशासन की ओर से पानी को निकलवाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक माह से कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। गंदे पानी से उठती बदबू से उनका जीना मुहाल हो गया है और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बुखार आदि बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं। उधर, स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मौके पर पहुंचे परिषद सचिव राजेश ने कर्मचारियों को पंप लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जिस भी गली या घर के पास जलभराव है तो वहां से पानी निकाला जाएगा। इसके बाद फिर खाली प्लाटों में पानी निकाला जाएगा।
जाम लगने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी और समझाने के प्रयास के बाद उन्हें हटाया है ताकि हाईवे का यातायात प्रभावित न हो। उन्हें हाईवे किनारे खड़े होकर विरोध करने से मना नहीं किया था और न ही कोई लाठी मारी है। डीएसपी आशीष चौधरी व नगर परिषद के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे और जल्द समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दे दिया गया है।
इंस्पेक्टर रामपाल, महेश नगर थाना प्रभारी
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