शहर नागरिक अस्पताल के पीएमओ कार्यालय के बाहर हंगामे के दौरान मौजूद महिला के परिजन।संवाद
अंबाला सिटी। शहर नागरिक अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत के चलते परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पतालकर्मियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। इस मामले में पीएमओ ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। जो पूरे मामले की जांच करेगी।
मृतका के पति प्रेम नगर निवासी नंदन कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है। सोमवार सुबह को वह 21 वर्षीय पत्नी स्मिता को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाया था। सुबह 10 बजे स्मिता ने एक बच्ची को जन्म दिया। शाम तीन बजे स्मिता के पेट में दर्द हुआ। इसके बाद परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को मदद के लिए बुलाया, लेकिन स्टाफ नर्स आधे घंटे बाद वहां पहुंची।
परिजनों ने आरोप लगाया कि चार बजे नर्सिंग स्टाफ ने उन्हें महिला को खून चढ़ाने के लिए कहा था। खून चढ़ने के बाद नर्सिंग स्टाफ ने उन्हें महिला को जूस पिलाने के लिए कहा। साढ़े चार बजे के करीब स्मिता ने जूस पिया। इसके चार घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई।
जांच के लिए बनाई कमेटी
पीएमओ डॉ. संगीता गोयल ने बताया कि उन्होंने इस मामले में संज्ञान लिया है। इस मामले में जांच कमेटी ने मौखिक रूप से जांच की है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कि जाएगी। महिला को दिए खून के सैंपल की भी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि महिला को इससे पहले दो बार गर्भपात हो चुका है। महिला अस्पताल में डिलीवरी के समय में ही आई थी। दोपहर बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ी तो महिला का रक्तचाप भी चेक किया था। जो कि सीमा से अधिक हो गया था। एंबोलिजम के कारण भी महिला की मौत हो सकती है। महिला के शव को शव गृह में रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही महिला के मौत कारणों का पता चल पाएगा।