अंबाला। स्थान छावनी रेलवे स्टेशन। प्लेटफार्म नंबर 2-4, समय लगभग 4.30। प्लेटफार्म पर बैठी बिहार निवासी मरियम खातून को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द से महिला चिल्लाने लगी। शोर सुनकर तुरंत आरपीएफ के सभी अधिकारी व कर्मचारी व पार्सल कार्यालय से भी कुछ महिला कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद वह हुआ जो अकसर फिल्मों में ही देखने को मिलता है।
आरपीएफ की टीम ने सुरक्षा घेरा बनाया और उसे पूरी तरह से कवर कर लिया। कुछ ही क्षण में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मौके पर पहुंचे रेलवे डाक्टर ने जच्चा-बच्चा को जांच के बाद स्वस्थ बताया और उन्हें सुरक्षित सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।
लुधियाना से जाना था दिल्ली
गर्भवती महिला व उसके पति को सरयू यमुना एक्सप्रेस में लुधियाना से दिल्ली जाना था। लेकिन पंजाब में ट्रेन संचालन बंद होने की वजह से मरियम परिवार सहित निजी वाहन से अंबाला स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन पहुंचने के बाद उसकी तबीयत काफी खराब हो गई। मरियम खातून के पति साहब हुसैन ने रेलवे अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई। महिला की हालात को देखते हुए तुरंत रेलवे डाक्टर को सूचना दी गई। महिला यात्री की डिलीवरी के संबंध में लगभग आधा घंटा पहले कंट्रोल पर संदेश भेजकर तुरंत रेलवे डाक्टर को स्टेशन पर पहुंचने की सूचना दी गई। लेकिन सूचना मिलने के आधे घंटे यानी लगभग 5 बजे रेलवे डाक्टर मौके पर पहुंचे और 5.15 बजे जांच के बाद महिला को बच्चे सहित रेफर कर दिया, हालांकि इससे पहले रेलवे एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी।
ये हैं असली हीरो
महिला यात्री की डिलीवरी करवाने में आरपीएफ एसआई निशा, एएसआई संतोष शर्मा, कांस्टेबल शालू पुंडीर, चीफ पार्सल सुपरवाइजर पुष्पा यादव व पार्सल कार्यालय सुपरवाइजर सारिका का विशेष योगदान रहा। वहीं व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए आरपीएफ एएसआई सतवीर कुमार, कांस्टेबल रजनीश कुमार, कांस्टेबल फिरोजखान व कांस्टेबल मनमीत सिंह ने भी सराहनीय कार्य किया।
मामला संज्ञान में आया है, अगर डाक्टर के मौके पर पहुंचने में देरी हुई है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक अंबाला मंडल।
woman Delivery- फोटो : Ambala