संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जंडली में ब्रह्मलीन सदगुरू प्यारानंद ब्रह्मचारी की पुण्य स्मृति में विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया। महायज्ञ में श्री रेणुका से पहुंचे उनके शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने महायज्ञ में पूर्णाहुति डाली। उन्होंने सत्संग में कहा कि श्रद्धा और विश्वास के बिना हम ईश्वर की कृपा के पात्र नहीं बन सकते। ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग केवल गुरु ही है।
उन्होंने कहा कि किसी ब्रह्म मार्गी संत के पास और गुरु के पास बैठने से और उनके सदवचन सुनने से जीवन प्रकाश की यात्रा करने लग जाता है। उन्होंने कहा कि सदसंस्कार ही परिवार को बचा सकता है। उन्होंने कहा आज समाज ऐसे आधुनिक अंधानुकरण के दौर से गुजर रहा है। जिसमें युवा अपने आपसे विमुख हो रहा है। वह अपनी जड़ों से अलग होता जा रहा है। सत्संग के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने शांत भाव से हरिनाम स्मरण करते हुए भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर ज्ञानचंद सैणी कैथ माजरी, चरणजीत मोहड़ी, रमेश गुप्ता, रश्मि शर्मा, अरुण शर्मा, रजनीश जंडली, नीरज शर्मा कपिल गोयल, पुरुषोत्तम लाल सहित अन्य मौजूद रहे।