अंबाला सिटी के सेक्टर दस स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर में चली रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर
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समय की परिस्थितियों के अनुसार चलना ही जीव का सबसे बड़ा कर्तव्य बनता है। इसलिए जीव को चाहिए कि अपने बुरे समय से भागने का प्रयास कभी न करें। अच्छे कर्म करते हुए सही समय का इंतजार करें। उपरोक्त शब्द कीर्तिकिशोरी महाराज ने सिटी के सेक्टर दस स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर में चली रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर उपस्थित भक्तों को कहे।
भगवान श्रीकृष्ण जी की सुंदर बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि जीव द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर ही उसका फल निश्चित होता है। यदि बुरे कर्म किए हैं, उसका फल कष्टों से भरा हो सकता है। इसलिए अपनी पवित्र आत्मा में भगवान श्रीकृष्ण जी का वास हमेशा रखें। शुद्ध व पवित्र आत्मा से की गई भक्ति से जीवों के कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। भक्ति करने के प्रकार विभिन्न हो सकते हैं। मगर, श्रद्धा पूर्वक भक्ति क्षण भर भी की जाए तो भगवान उस पर अपनी कृपा जरूर करते हैं।
कीर्तिकिशोरी महाराज ने कहा कि समय का चक्र हमेशा चलता रहेगा। मगर, उस समय को हम किस प्रकार से देखते हैं या उसका उपयोग कर रहे हैं, यह सब भगवान की दृष्टि से नहीं बच सकता। इसलिए अच्छे कर्म करते हुए बेसहारा लोगों की मदद करें और भगवान से हर क्षण अच्छे कर्म करने की उपासना करें। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जी के जन्मोत्सव का कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया। इस दौरान महाराज द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों पर सभी भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते हुए दिखाई दिए।
सिटी के सेक्टर दस स्थित श्री वैष्णो माता मंदिर में चली रही श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित भक्तजन।- फोटो : Ambala