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पानी में उतरते हैं तो दिखता है सिर्फ ‘पदक’

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अंबाला। चाहे खेल हो या जीवन, सभी में लक्ष्य होना बहुत जरूरी है। बिना लक्ष्य के किसी भी रास्ते पर चलना बेकार है। इसी कारण सभी खिलाड़ी पदक को अपना लक्ष्य मानकर पानी में उतरते हैं। बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। प्रत्येक खिलाड़ी को खेल अभ्यास शुरू करने से लेकर पदक जीतने तक लक्ष्य निर्धारित करने की बात ही कोच द्वारा सिखाई जाती है। वे उसी पर अमल करते हुए प्रत्येक कार्य करते हैं। यही काम सभी को अपने जीवन के प्रत्येक कार्य को करने से पहले करना चाहिए।
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हम पानी में उतरने से पहले पदक जीतने का लक्ष्य रखते हैं। उसे पाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं। कई बार पदक हासिल होता है, कई बार जब नहीं होता तो फिर नया लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत शुरू कर देते हैं।
- रिधिमा, खिलाड़ी।
प्रत्येक खिलाड़ी पदक के लिए दिन में सात से आठ घंटे पानी में बिताता है, ताकि पदक हासिल कर अपना व अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सके। पदक लाना तभी संभव है जब हम लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करेंगे।
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- हिरेन, खिलाड़ी।
पदक पर कब्जा जमाने के लिए अधिक अभ्यास किया है। पहले हमने छोटे लक्ष्य से शुरुआत की। अब ओलंपिक में स्वर्ण पदक का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। जिसे पाना है और उसी के लिए अभ्यास कर रहे हैं।
- ज्ञान, खिलाड़ी
हमारी ओर से पदक पाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। कोच ने शुरू में ही बता दिया था कि अगर बिना लक्ष्य के रास्ते पर चलोगे तो मंजिल नहीं मिलेगी। पहले लक्ष्य निर्धारित करो और फिर आगे बढ़ो।
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- तरुण, खिलाड़ी।
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