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थाने में बंटवाया खाद और बीज

Tue, 17 Nov 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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बीज व खाद लेने के लिए किसानों को एक बार फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ गया है। उन्हें सोमवार को लंबी कतारें लगाकर शहजादपुर थाने से खाद व बीज लेना पड़ा। सोमवार को ये नजारा हैरान करने वाला था। लेकिन किसान व उनके परिवारों ने थाने में से ही खाद व बीज प्राप्त किए। वहां भी किसानों की लंबी कतारें लगी रही। इसी के चलते किसानों को खासी परेशानियों झेलनी पड़ी।किसान राम सिंह, बलक ार सिंह, राज कुमार, मंजीत कौर, राम कुमार आदि ने बताया कि वे  पिछले बीस दिन से एडीओ कार्यालय शहजादपुर में बीज व खाद के लिए आ रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों  का कहना था कि उनके पास  उच्च अधिकारियों का लिखित आदेश नहीं आया है कि  किस नीति व योजना के तहत किसानों को खाद व बीज वितरित करना है। इसी कड़ी में वे लोग सोमवार को फिर से खाद व बीज लेने पहुंचे उन्हे बीज व खाद लेने के लिए शहजादपुर थाने में जाने के लिए कहा गया। उनसे कहा गया कि वहीं पर्ची सिस्टम से उन्हे  खाद व बीज मिलेगा।एडीओ सुखबीर शहजादपुर ने बताया कि किसानों का कार्यालय पर हल्ला मचाने पर व स्थिति रोड जाम को देखते हुए पुलिस थाना शहजादपुर को सूचित किया, जिस पर पुलिस ने विभाग का आग्रह स्वीकार करते हुए कृषि कार्यलय के बजाय पुलिस थाना शहजादपुर में ही बीज व खाद की पर्ची देने के लिए कहा। जिस पर किसानों को तीन कर्मचारियों को लगाकर किसानों को खाद व बीज की पर्ची दी गई व खाद व बीज कृषि  विभाग के गौदाम से उठवाया गया। थाना प्रभारी शहजादपुर मेहर सिंह ने बताया कि एडीओ सुखबीर व बीपीएम संदीप कुमार के आग्रह पर थाना के प्रागंण में किसानों की सुविधा को देखते हुए पर्ची यहां पर बनाई है क्योंकि कार्यालय एनएच-72 पर व थाना एनएच-73 पर स्थिति है इसलिए थाना के अंदर ही किसानों की लाइनों में लगवार खाद व बीज को बांटा गया। इस जानकारी को हमने अपने उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत करवा दिया था। 
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थाने में बीज, खाद बांटना बड़ी विडंबना : सासनशहजादपुर थाने में किसानों को कतार लगवाकर पर्ची जारी कर बीज व खाद बांटने के इस मुद्दे पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए सरकार पर निशाना साधा है। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश सचिव हरीश सासन ने कहा कि ये किसानों की तौहीन है कि उन्हे एक थाने में लंबी कतारें लगाकर बीज व खाद के लिए पर्चियां वितरित की गई। पर्चियंा लेने के बाद किसानों को बाद में गोदाम से खाद व बीज दिए गए। सासन ने कहा कि किसानों में इसी बात को लेकर भी खासा रोष है, क्योंकि ऐसी विडंबना कभी नहीं देखी गई। सरकार किसानों के गुस्से को भांप चुकी है और उनके गुस्से से डर चुकी है, इसलिए ऐसा किया गया। उनके अनुसार कोई भी किसान तब तक सड़कों पर नहीं उतरता, जब तक सरकार उन्हे अपनी विरोधी नीतियों से तंग नहीं करती। खट्टर सरकार के कार्यकाल में किसान सरकारी विरोधी नीतियों से तंग आ चुका है। इसलिए प्रशासन ने थाने में खाद व बीज की पर्चियां किसानों को वितरित करवाई है। ये उचित नहीं है।
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