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Ambala News: पहले दिन गेहूं की खरीद शून्य

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। आज से अधिकारिक तौर पर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। इसके बावजूद पहले दिन खरीद शून्य रही। इसका कारण बारिश के कारण मौसम में नमी रहा। आज पहुंची गेहूं में नमी की मात्रा अधिक रही। इस कारण से खरीद नहीं हाे पाई। शहर अनाज मंडी में दोपहर तक 233 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी थी और मजदूरों की ओर से गेहूं को सुखाने का काम किया जा रहा था। इससे कि गेहूं बेचकर किसान अपने घर की ओर रवाना हो सके।

खरीद से पहले होने वाले बैठकों में अधिकारियों की ओर से मंत्रियों और डीसी के समक्ष दावे किया जाते हैं, परंतु हकीकत इससे दूर है। इन दावों में किसानों को दी जा रही सुविधाओं का भी जिक्र होता है। मंडियों की हकीकत यह है कि अनाज मंडी में बनी नालियां गंदगी से जाम हैं।
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इस कारण बारिश के पानी की निकासी तक नहीं हो पा रही है। काफी समय से रुका पानी होने के कारण इस पानी में मच्छर भी पनप रहे। जोकि मंडी में अपनी गेहूं लेकर आने वाले किसानों के लिए आफत बनना तय है। यह स्थिति केवल शहर अनाज मंडी की नहीं बल्कि जिलेभर की अधिकतर मंडियों की दिखाई दी।

यहां शौचालय से लेकर पीने के पानी की व्यवस्था और पानी निकासी की व्यवस्था के पूरे इंतजाम के बारे में मंत्रियों और अधिकारियों को कहा था। शहर अनाज मंडी की बात करें तो शनिवार को यही स्थिति दिखाई दी। जहां नालियां गंदगी से अटी थी और पानी निकासी न होने के कारण पानी जमा था। इसके अलावा कई जगह पर पीने के पानी के लिए टंकी तो रखी थी। परंतु उसमें पानी नहीं आ रहा था।

वहीं अनाज मंडी के सबसे अंतिम शेड में अभी भी गंदगी का आलम बना हुआ है। जहां पर सफाई को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ है। यह स्थिति गेहूं खरीद सीजन शुरु होने के समय की है। ऐसी ही स्थिति छावनी अनाज मंडी की भी रही। जहां पर पानी निकासी न होने के कारण कई जगह पर पानी जमा था। इसके अलावा नारायणगढ़, बराड़ा और अन्य मंडियों में भी अव्यवस्थाओं का दौर दिखाई दिया।

पहले दिन नहीं हुई आवक

बराड़ा। सरकार की ओर से एक अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू करने के मद्देनजर अनाज मंडी में सड़क, पेयजल, बिजली, शौचालय सहित किसानों की सुविधाओं के लिए सभी प्रकार के आवश्यक प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। परंतु वर्षा के मौसम के कारण फसल के पकने और कटाई में अनावश्यक विलंब होने से शनिवार को प्रथम दिवस पर गेहूं की आवक मंडी में शून्य दर्ज की गई। सूत्रों के अनुसार चालू रबी मौसम 2023-24 में तीनों मंडियों में, हैफेड खरीद एजेंसी की ओर से 12 प्रतिशत तक नमी वाले गेहूं की फसल को 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी। मंडी सचिव ने बताया कि किसान भाइयों से फसल अच्छी प्रकार सुखाकर और साफ करके सायं काल से पूर्व मंडी में लाने की अपील की गई है। संवाद
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बारिश से गेहूं बचाने में तिरपाल आई काम

किसानों को बारिश के कारण बहुत अधिक नुकसान हो रहा है। जहां पहले ही खेतों में फसल बिछ चुकी है। वहीं अब मंडी में फसल लाने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि शनिवार को शाम के समय आई बारिश के कारण किसानों को तिरपाल से अपनी फसल को बचाना पड़ा। वहीं, बहुत शेड खाली होने के कारण किसानों ने फसल को शेड के नीचे भी शिफ्ट कर दिया। इससे कि फसल बची रहे और ज्यादा नुकसान न हो।
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