संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। जलभराव की स्थिति अभी भी बरकरार है। बंसल पैलेस से महाराणा प्रताप चौक और इससे आगे मुख्य बाजार की तरफ सड़क पर पानी जमा है। नगरपालिका कार्यालय और बीडीपीओ ऑफिस के बाहर सड़क के भी ऐसे ही हालात हैं। इस पानी के बीच से होकर लोग अपने काम के लिए जा रहे हैं, वहीं नगरपालिका कार्यालय के प्रांगण में भी पानी जमा है।
हालांकि नगरपालिका प्रशासन द्वारा दूसरी तरफ की सड़क के किनारे नाले में थड़ों को तोड़कर नाला खुलवाया गया और एचडीएफसी बैंक की तरफ वाली साइड पर रोड से पानी उतर गया है, लेकिन दूसरी तरफ पानी अभी भी भरा है। इस तरफ दुकानदारों ने दुकान के भीतर जाने के लिए जुगाड़ किया हुआ है, लेकिन फिर भी दुकानदारी काफी प्रभावित हो रही है। पानी के बीच से ग्राहक दुकान में नहीं आ पा रहे और इसका नुकसान दुकानदार को झेलना पड़ रहा है। महाराणा चौक के पास दुकानदार अभी भी दुकानों के दरवाजे पर मिट्टी के कट्टे लगाकर बैठे हैं कि कहीं पानी अंदर न घुस जाए। गांव की तरफ जाने वाली सड़क और गगनपुर की तरफ से गांव में प्रवेश करने वाली सड़क पर जलभराव है जबकि सरकपुर रोड पर पानी इतनी तेजी से क्रॉस कर रहा है, इससे सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और यहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हैरानी की बात है कि एसडीएम कार्यालय होने के कारण यहां सभी सरकारी अधिकारी आते हैं और लेकिन इस सड़क की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
अभी खतरा टला नहीं
बराड़ा में यह जो जलभराव की स्थिति है, वह स्थानीय बारिश के पानी से नहीं है बल्कि पहाड़ों से आने वाले पानी से है। पहाड़ों का पानी साढ़ौरा के रास्ते बराड़ा के गांवों से होता हुआ शहर में प्रवेश करता है। शुक्रवार को जिस हिसाब से पहाड़ों में बारिश के बाद टांगरी और मारकंडा नदी उफान पर रही, वहीं बेगना नदी का पानी भी गांवों में घुस गया। इसी प्रकार पहाड़ों का पानी बराड़ा में और आने की संभावना हो सकती है। ऐसे में यदि पानी आता है तो यहां समस्या गंभीर हो सकती है क्योंकि यह जो पानी बराड़ा में प्रवेश कर रहा है, इस पानी की निकासी कहीं नहीं है, न कोई बड़ा नाला है और जो छोटे नाले हैं वो पहले ही पानी से भरे पड़े हैं।
बराड़ा में जलभराव के बाद टूटी सड़कों की परेशानी बनी आफत। संवाद- फोटो : संवाद