फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली किल्लत ने लगाया जल पर ग्रहण, बूंद-बूंद को तरसे

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। भीषण गर्मी के बीच बिजली फाल्ट ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। वीरवार रात आए तूफान और बारिश के बाद 170 से ज्यादा फीडरों के ब्रेक डाउन होने से ब्लैक आउट-सी स्थिति रही। मच्छरों से जूझते हुए लोगों ने गर्मी में रात बिताई। वहीं पेयजल आपूर्ति भी बाधित होने के कारण लोग बूंद-बूंद को तरसते रहे। अंबाला छावनी की स्थिति यह रही कि सभी 103 ट्यूबवेल में से ज्यादातर बिजली नहीं आने के कारण सुबह 6 बजे तक बंद रहे। घसीटपुर स्थित 20 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी ट्रीट नहीं होने के कारण आगे सप्लाई नहीं हो सकी। इतना ही नहीं यहां पर पानी का संग्रहण भी नहीं हो सका। यही हाल अंबाला शहर में रहे।
विज्ञापन

शुक्रवार दोपहर एक बजे से लेकर छह बजे तक भी छावनी में ज्यादातर एरिया में बिजली गुल रही। शुक्रवार को पेयजल की किल्लत के चलते दयाल बाग के एफ व डी ब्लॉक में लोगों ने जलापूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। पॉश कॉलोनी का नजारा ऐसा था कि कहीं सरकारी पानी का टैंकर खड़ा हुआ था और पानी की बाल्टियों के जरिए लोग अपने घरों में पानी भर रहे थे, वहीं कुछ लोगों की पानी के संकट का अपने स्तर पर ही निपटान करते हुए खुद के पैसों से ही टैंकर मंगवा लिया। इलाके की महिलाओं ने एकजुट होकर रोष जताते हुए कहा कि घरों में पानी आने का कोई समय ही निर्धारित नहीं है। बार-बार फोन करने के बावजूद भी कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं। दिनभर अपने कामों में व्यस्त करने के बाद रात-रातभर पानी आने के इंतजार में नींद तक उड़ जाती है और फिर भी पानी नहीं मिल पा रहा।
कई-कई दिन बिना किसी कारण के बूंद तक नहीं आती। घर पर सारा काम इसी इंतजार में अटक जाता है कि पानी आएगा। कई बार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं तो कोई संतोष जनकजवाब नहीं मिलता। गर्मी के मौसम में इस तरह के हालातों के बीच मुश्किल हो रही है। -सीमा।
विज्ञापन

जलापूर्ति विभाग की ओर से पानी छोड़ने की कोई टाइमिंग नहीं है। आने को कभी दिन तो कभी रात में आ जाता है। पिछले कुछ दिनों से तो गर्मी के साथ-साथ पानी कि किल्लत ने भी परेशान कर दिया है। -सुमन चौहान।
पानी की किल्लत लंबे समय से चल रही है। पानी समय पर ही नहीं आता। यहीं कारण है कि पानी भरने के लिए घंटों मोटर चलाकर इंतजार करना पड़ता है तब कहीं जाकर कभी पानी आ जाता है तो कई-कई दिन वो भी आता ही नहीं। कभी देररात तक नहीं जगे तो दिनभर पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है। पानी की परेशानी का विभाग को कोई ठोस समाधान करना चाहिए। -मनप्रीत।
इलाके में पानी कि किल्लत होने पर कोई भी अधिकारी मौका देखने तक नहीं आता है। वह आ जाए तो महिलाएं उन्हें अपनी समस्या सुना सके और कोई ठोस समाधान भी निकले। बावजूद कुछ कर्मचारियों को ही भेजकर फाल्ट दूर करने की बात बोलकर पल्लाझाड़ लिया जाता है। -प्रेमलता।
घरों में दी जाने वाली पानी की सप्लाई का समय एरिया वाइज निर्धारित किया जाना चाहिए ताकि लोग बिना किसी परेशानी के पानी टंकी में भर सके। स्थिति यह है कि कब पानी आया और कब गया कोई जानकारी नहीं। पानी चाहिए तो रात-रात भर जगना ही जरूरी हो गया है। -सूरज।
इन कॉलोनियों में भी रही पानी की किल्लत
महेश नगर, मतिदास नगर, अशोक नगर, वशिष्ट नगर, दयाल बाग, किस्मत नगर, राजा पार्क, रानी बाग, बैंक कॉलोनी, लक्की नगर, बीडी फ्लोर मिल के पीछे की दर्जनों कॉलोनियां, गोबिंद नगर, राम नगर, एकता विहार, सिमरन विहार व टांगरी बांध से जुड़े सभी इलाकों में पानी के लिए जूझना पड़ा। हीरा नगर, रंजीत नगर, कमल विहार, न्यू शालिमार कॉलोनी, सेक्टर-10, सेक्टर-9 सहित दर्जनों एरिया में जल संकट से लोग परेशान रहे।
यहां कर सकते हैं शिकायत
पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए जलापूर्ति विभाग की ओर से टोल फ्री नंबर 18001805678 जारी किया गया है। किसी भी इलाके में पानी नहीं पहुंच पाता है तो इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
बिजली न होने के कारण ज्यादातार ट्यूबवेल बंद रहे और घसीटपुर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी फिल्टर नहीं हो पाया। उम्मीद है कि आज रात या कल सुबह तक पानी लोगों तक पहुंच जाएगा। टैंकरों के माध्यम से भी पानी सप्लाई किया जा रहा है।
विज्ञापन

अनिल चौहान, एक्सईएन जलापूर्ति विभाग
------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें