बराड़ा। उगाला गांव में हल्की बारिश ने ही विकास के दावों की हकीकत उजागर कर दी। गांव के मुख्य चौक से गुजरने वाला करीब 500 मीटर लंबा सड़क मार्ग थोड़ी सी बारिश होते ही पानी भर गया और कुछ जगह पर कीचड़ हो गया। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा लगातार बना रहा।
यह मार्ग गांव का प्रमुख रास्ता है। इसके दोनों ओर बाजार, स्कूल और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, विद्यार्थी, दुकानदार और वाहन चालक इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क की ओर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जा रहा। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं तथा लोगों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीण निर्मल सिंह ,संदीप त्यागी ,अमरनाथ ,समाजसेवी चौधरी राकेश भल्ला, महिंद्रा छाबड़ा, संजीव कुमार व हरजीत सिंह सहित अन्य का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन आज तक स्थाई समाधान नहीं हो पाया। हर बरसात में यही समस्या दोहराई जाती है और लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उगाला गांव में सत्ताधारी दल के कई सक्रिय कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों का प्रभाव होने के बावजूद यदि वर्षों से गांव की सबसे महत्वपूर्ण सड़क बदहाल है, तो यह व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर जब अपने ही गांव की मूलभूत समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा, तो आम जनता किससे उम्मीद करे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए इस सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवाद