अंबाला। आरपीएफ की टीम ने चोरी के 50 मामलों में वांछित को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पश्विम बंगाल निवासी मो. अकबर के तौर पर हुई है जोकि ट्रेनों में चोरी करने का माहिर बताया गया है। आरोपी ने न केवल अंबाला बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद और हापुड़ समेत उत्तर रेलवे की कई पोस्टों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था और वह पिछले तीन साल से भगोड़ा घोषित किया गया था।
मथुरा जेल से लाया गया अंबाला
आरपीएफ अंबाला कैंट के निरीक्षक रविंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई राजेश कुमार, मुख्य सिपाही मनवीर मीना और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें सूचना मिली थी कि वर्ष 2018 के मुकदमा संख्या 15/18 में वांछित मो. अकबर पुत्र अजीज उल रहमान, निवासी पश्चिम बंगाल, फिलहाल मथुरा की अदालत में किसी अन्य मामले में पेश होने वाला है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और 18 फरवरी को अंबाला की अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उसे मथुरा जिला कारागार से हिरासत में ले लिया।
जम्मू मेल में की थी लाखों की चोरी
मामला 4 नवंबर 2018 का है, जब चलती गाड़ी संख्या 14033 जम्मू मेल से दो एलईडी टीवी और वारदाना के 16 बैग चोरी हुए थे। इसकी कीमत 2 लाख 65 हजार 568 रुपये आंकी गई थी। इस मामले में मो. अकबर लंबे समय से फरार चल रहा था और 15 नवंबर 2022 को रेलवे मजिस्ट्रेट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
रिमांड पर सहयोगियों के खुलेंगे राज
आरपीएफ ने शुक्रवार को आरोपी को अंबाला सिटी के ड्यूटी मजिस्ट्रेट अक्षय अरोड़ा की अदालत में पेश किया। आरपीएफ ने अदालत से इस गिरोह के अन्य सदस्यों, सफरुद्दीन उर्फ सलमान और नौशाद खान (दोनों घोषित अपराधी) की गिरफ्तारी और पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड मांगी थी। अदालत ने आरोपी मो. अकबर का एक दिन का रिमांड मंजूर किया है।
आरोपी उत्तर रेलवे के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसकी गिरफ्तारी से न केवल पुराने मामलों का खुलासा होगा, बल्कि इसके अन्य साथियों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। शनिवार को रिमांड पूरा होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
- रविंद्र सिंह, प्रभारी, आरपीएफ पोस्ट, अंबाला।