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विनोद शर्मा मौन, बेचैन रहे समर्थक

Sun, 02 Mar 2014 01:05 AM IST
अमर उजाला अंबाला
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अंबाला सिटी। शहर के कांग्रेसी विधायक विनोद शर्मा के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज होती जा रही हैं। शनिवार को भी ये मुद्दा जिले और सूबे की राजनीति में पूरी तरह गरमाया रहा। समर्थकों को उम्मीद थी शनिवार को शहर विधायक विनोद शर्मा अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपना बयान देंगे और स्थिति को स्पष्ट करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, शहर विधायक ने शनिवार को अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की। इसे लेकर समर्थकों में पूरी तरह बेचैनी बनी रही। समर्थक शहर विधायक की कोठी के लगातार संपर्क में रहे, मगर वहां से भी इस बारे में कोई स्पष्ट स्थिति नहीं हुई। उधर, शहर विधायक विनोद शर्मा ने भी अभी तक पत्ते नहीं खोले।
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कुछ विधायकों का भी समर्थन
पार्टी सूत्रों के अनुसार शहर विधायक भाजपा के एक हैवीवेट और वरिष्ठ नेता से दिल्ली में मिल चुके हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा में जाने के लिए वे अकेले ही संपर्क में नहीं है। बल्कि शहर विधायक विनोद शर्मा ने इसके लिए कुछेक विधायकों का भी समर्थन हासिल है। ये विधायक कौन हैं, इस बात को अभी तक पूरी तरह गोपनीय रखा है। लेकिन इस बात की चर्चा जोरों पर है कि शहर विधायक यदि भाजपा ज्वाइन करते हैं, तो वे कुछेक विधायकों के साथ लेकर करेंगे।

जल्द खुलासा करेंगे विधायक!
सूत्रों के अनुसार कांग्रेसी विधायक की पार्टी बदलने की अटकलों के चलते उनके कुछ समर्थक शुक्रवार को ही उनसे मिलने दिल्ली भी गए। बताया गया कि वहां दिल्ली में भी विनोद शर्मा ने 9 मार्च को कुरुक्षेत्र में की जाने वाली रैली के लिए बैठक बुलाई थी। मगर सूत्र बताते हैं कि वहां भी शहर विधायक ने अपने समर्थकों को कुछेक दिन इंतजार करने की सलाह दी। वहां भी समर्थकों के समक्ष शहर विधायक विनोद शर्मा ने इन अटकलों के बारे में कोई पत्त नहीं खोले
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थोड़े नाराज हैं विनोद शर्मा
बताया जा रहा है कि शहर विधायक विनोद शर्मा पिछले कुछ समय से कांग्रेस हाईकमान की नीतियों से थोड़े खफा थे। बताया जाता है कि शहर विधायक हरियाणा में कांग्रेस की राज्यसभा सीट पर सांसद बनना चाहते थे। लेकिन ये सीट पूर्व सांसद एवं कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ले गईं। उसके बाद शहर विधायक विनोद को प्रदेश चुनाव समिति का सदस्य बनाया, मगर इसी नाराजगी के कारण उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद अंबाला में भी अपने भाषणों में उन्होंने पूर्व सांसद कुमारी सैलजा को निशाने पर लिया। शहर विधायक की नाराजगी और भाजपा में जाने की अटकलों को इसलिए जोड़कर देखा जा रहा है।
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