पंसारी बाजार एसोसिएशन के प्रधान विकास (गुप्ता) सिंगला ने सोमवार को इलाका मजिस्ट्रेट विवेक यादव की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। 27 मई को दोनों भाइयों ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका वापस लेते हुए सरेंडर करने की बात कही थी। इस पर हाईकोर्ट ने दोनों को एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन अभी केवल विकास गुप्ता ने ही आत्मसमर्पण किया है।
दोनों भाई करीब चार माह से फरार चल रहे थे। विकास गुप्ता की ओर से एडवोकेट रोहित जैन ने कोर्ट में बेल की याचिका लगाई थी, लेकिन पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अभी इस मामले में हमें दूसरे आरोपियों की भी तलाश है और आरोपी से इस बारे में पूछताछ करनी है। इसी आधार पर पुलिस को आरोपी विकास का एक दिन का रिमांड मंजूर कर दिया। अब इस मामले पर मंगलवार को बहस होगी।
यह था पूरा मामला
आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 22 जनवरी 2021 को मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें थाना प्रभारी की जिप्सी के ड्राइवर कांस्टेबल ईश्वर सिंह ने आरोप लगाया था कि वह कैपिटल चौक के पास ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्हें फोन आया कि पंसारी बाजार में झगड़ा होने की आशंका है। तभी वह जिप्सी लेकर बाजार में पहुंच गए जहां पहले से ही मौजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र और डॉ. अरविंद सिंह अमित ट्रेडिंग कंपनी से देसी घी के सैंपल ले चुके थे। तभी वहां पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी होने लगी। पुलिस की जिप्सी के आगे आकर कुछ लोग लेट गए और सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। जिप्सी का शीशा भी टूट गया। पुलिस ने दो आरोपी को पहले से ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की अभी भी पुलिस को तलाश है इसीलिए पुलिस ने दोनों आरोपियों का एक दिन का पुलिस रिमांड मांगा।