दिवाली के बाद अब रेलवे पर छठ पूजा का रश बढने लगा है। जिसके चलते ट्रेनों में यात्रियों को पांव रखने तक की भी जगह नहीं मिल रही है। आलम यह है कि लोगों को दरवाजे, खिड़कियों व दो बोगी के बीच बनी जगहों पर जान जोखिम में डालकर अपने गंतव्य के लिए यात्रा करनी पड़ रही है।
उधर, रेलवे प्रशासन का दावा है कि रश को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। मगर उसके बावजूद भी ट्रेनों में जबरदस्त मारामारी का माहौल बना हुआ है। दरअसल, दिवाली पर अब लोग छठ पूजा के अवसर पर अपने घर पहुंचना चाहते हैं। लेकिन उन्हे जान जोखिम में डालकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ रहा है।
पहले दशहरा, फिर दीवाली और अब छठ पूजन को लेकर बिहार व बंगाल जाने वाली तमाम ट्रेनों में जबरदस्त रश की स्थिति बनी हुई है। हालात यह है कि जिन लोगों ने दो माह पूर्व भी ट्रेनों के टिकट लिए हुए थे, उनकी सीटें तक कंफर्म नहीं हुई हुई है। इतना ही नहीं कई ट्रेनों में तो आलम यह है कि जिन लोगों का टिकट भी कंफर्म हो गया है, वो भी ट्रेनों में आसानी नहीं चढ़ पा रहे हैं। इसी बात को लेकर स्टेशनों पर जबरदस्त हंगामे हो रहे हैं।
जान जोखिम में डालकर कर रहे यात्रास्टेशन पर आलम यह है बिहार व बंगाल जाने वाली ट्रेनों में रिर्जव डिब्बों में भी खासी भीड़ है। इसी वजह से वे लोग जिनका टिकट कंफर्म नहीं हुआ, वे लोग दरवाजों व खिड़कियों पर लटककर लंबी दूरी की यात्रा करने को मजबूर है। मनोज कुमार, शैलेंद्र, गौरव व संजय के अनुसार उन्होंने छठ पूजन पर अपने घर जाना है, उनका परिवार इंतजार कर रहा है।
टिकटें करा रहे कैंसिलहरियाणा, हिमाचल व आसपास इलाकों में रहने वाले अधिकतर बिहारवासी अंबाला से ही ट्रेन पकड़ते हैं, इसलिए यहां सबसे ज्यादा मारामारी रहती है। इसलिए बहुत से लोग अपना टिकट कैंसिल भी करवा रहे हैं। टिकट विंडो पर टिकट कैंसिल करवाने आए प्रमोद कुमार के अनुसार उन्होंने अपना टिकट डेढ़ माह पूर्व बुक करवाया था। इस बार वे अपने पूरे परिवार को अपने पैतृक गांव में ले जाकर छठ पूजना करना चाहते थे, लेकिन उनका टिकट कंफर्म नहीं हुआ। इस रश में उनका अपनी फैमिली के साथ यात्रा करना मुश्किल है, इसलिए उन्होंने अपना टिकट कैंसिल करवा लिया है।
स्टेशन पर घंटों इंतजार को मजबूरगाडिय़ां छूट रही है, दूसरी गाड़ी का इंतजार हो रहा है, पता नहीं उसमे भी जगह मिलेगी या नहीं? लेकिन फिर भी स्टेशन पर छठ पर अपने घर जाने वाले यात्रियों को पूरी आस है। इसलिए वे लोग घंटों रेलवे स्टेशन पर ही पड़े ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। इन यात्रियों का कहना है कि यदि एक ट्रेन में अत्यधिक भीड़ की वजह से वे लोग नहीं चढ़ पाते तो वे यहीं दूसरी ट्रेन का इंतजार करते हैं। उन्हे उम्मीद रहते हैं कि कम से कम धक्कामुक्की के साथ ही सही, किसी तरह ट्रेन में एंट्री कर लें। इन यात्रियों की रेलवे मंत्री से मांग है कि वे इन त्यौहारों के दिन में ज्यादा से ज्यादा विशेष ट्रेनों जरूर चलवाएं।