देश में कोरोना के मरीज धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। अभी हालात काफी कंट्रोल में है। सरकार और प्रशासन की सख्ती के कारण लॉक डाउन नियमों का पालन हो रहा है। लेकिन अगर हालात बिगड़े तो इसे संभालने के लिए सबसे उपयोगी वस्तु वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी जो भारत में व्यक्तियों की संख्या के हिसाब से नाममात्र है। आमजन की जान से जुड़ी इस सुविधा को गांव दोसड़का के एक इंजीनियर ने तैयार किया है और वो भी बेहद ही कम खर्च पर। गांव दोसड़का निवासी इंजीनियर विशाल भंडारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आने वाले समय में दवाइयों के साथ-साथ वेंटिलेटर की विशेष आवश्यकता होगी। यह सुविधा मौजूदा समय में बढ़े अस्पतालों में ही उपलब्ध है, इसके लिए लोगों को भारी-भरकम फीस अदा करनी पड़ती है। इसलिए आमजन से जुड़ी इस अहम वस्तु को तैयार करने के लिए उन्होने दिन-रात एक कर दिए। उनके अथक प्रयास से एक मिनी वेंटिलेटर तैयार हुआ है जो आने वाले समय में कोरोना मरीजों के लिए काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
विशाल ने बताया कि उन्होंने मिनी वेंटिलेटर तैयार करने के लिए घरेलू सामान का ही इस्तेमाल किया है जो आसानी से बाजार में भी मिल जाता है। इसमें लगभग 8 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यह एक समय में 2 मरीजों के लिए कारगर सिद्ध हो सकता है। इसे तैयार करने के बाद कुछ डाक्टरों की भी राय ली गई, उन्होंने इसे एक आकर्षक व कम खर्च पर आधारित एक विशेष अविष्कार बताया। विशाल ने बताया कि अगर भारत सरकार से इसे मान्यता मिल जाती है तो वह कुछ और वेंटिलेटर बनाकर अस्पतालों और संस्थाओं को देंगे।।