अंबाला। सब्जी मंडी आढ़तियों पर 40 फीसद मार्केट फीस लगाने के निर्णय को लेकर अंबाला जिले की सभी मंडियां बुधवार को बंद रहीं। इस वजह से मंडी कारोबार प्रभावित रहा। इस वजह से रेहड़ी-फड़ी वाले सब्जी विक्रेताओं को भी परेशानी हुई।
हालांकि लोगों ने हड़ताल को देखते हुए पहले से सब्जी खरीद रखी थी। इसके बावजूद ग सुपर मार्केट में भी महंगे दामों पर सब्जियां खरीदते नजर आए। इस वजह से शहर, छावनी और नारायणगढ़ की सब्जी मंडी बंद होने से 30 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा चलाने वाले भी महंगे दामों पर फुटकर में सब्जी खरीदने को मजबूर रहे।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े रहे ट्रक
शहर के नेशनल हाईवे देवी नगर स्थित सब्जी मंडी में प्रतिदिन सेकड़ों की संख्या में लदे वाहन और रेहड़ी चालकों का कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। दूसरी ओर मंडी में खान-पान की रेहड़ियां लगाने वाले लोगों को भी रोजगार के संकट से गुजरना पड़ा। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर और हिमाचल क्षेत्र शिमला से आने वाली सब्जियों की गाड़ियां भी मंडी बंद होने के कारण दिनभर शहर के विभिन्न सड़कों और नेशनल हाईवे पर खड़ी रही।
शहर नेशनल हाईवे स्थित सब्जी मंडी एसोसिएशन ने सुबह करीब चार बजे से मंडी के गेट बंद करा दिए थे। मंडी एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि अंबाला की सभी थोक सब्जी मंडियां पूर्ण रूप से बंद कराई गई थी। इस कारण एक दिन में लाखों रुपयों का कारोबार प्रभावित हुआ। एक दिन के लिए मंडी बंद करने का एलान पहले से ही तय किया था।
एक दिन सब्जी मंडी बंद करने से पहले सरकार को अल्टीमेटम दिया है। यदि सरकार ने बढ़ाए मार्केट टैक्स में संज्ञान नहीं लिया तो वह एक से पांच जनवरी तक मंडी बंद करेंगे। जल्द ही इस मामले में प्रदेश सब्जी मंडी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अनिश्चित हड़ताल जैसे ठोस फैसले भी लिए जा सकते हैं।
-अमरनाथ, प्रधान, सब्जी मंडी एसोसिएशन अंबाला सिटी।
पांच से दस रुपये महंगी मिली सब्जी
छावनी के बस स्टैंड स्थित लाला भगवानदास सहगल होलसेल सब्जी और फल मंडी के आढ़तियों ने बुधवार को विरोधस्वरूप मंडी को भी बंद रखा। इस दौरान फल और सब्जियों का कारोबार ठप रहा और थोक में सब्जी की बिक्री नहीं हुई। जो किसान सुबह ट्रैक्टर लेकर मंडी में पहुंचे थे उन्हें लौटना पड़ा। इसी प्रकार लोगों को भी मंडी के बाद लगी रेहड़ी से एक दिन पुरानी सब्जियां खरीदने को मजबूर होना पड़ा। बस अड्डा के पास होलसेल सब्जी और फल मंडी सुनसान रही और आढ़ती खाली बैठे रहे। जबकि फड़ी संचालकों ने रूटीन की तरह काम किया, लेकिन उन्होंने भी सब्जी के रेट बढ़ा दिए।
पड़ोसी राज्यों से भी नहीं हुई आवक
लाला भगवानदास सहगल होलसेल सब्जी और फल मंडी के महासचिव जोगिंद्र बिंद्रा ने बताया कि उनकी होलसेल सब्जी और फल मंडी में 46 लाइसेंसधारक आढ़ती हैं और 30 दुकानें हैं। उनकी सब्जी मंडी में हिमाचल शाहबाद, मोहड़ा, बरवाला, पंजाब के बनूड, बठिंडा, कश्मीर, शाहपुर, शंभू, मोहडी, से सब्जियां व फल आते है। जबकि दिल्ली से अनार, मौसमी, अनानास, अदरक, नींबू व लहुसन आते हैं। इसी तरह से राजस्थान और नासिक से प्याज आता है। हड़ताल के चलते सभी जगह की आवक बंद है। इसके लिए किसानों और व्यापारियों को पहले ही मना कर दिया था, और उन्होंने बुधवार को फल और सब्जियां नहीं मंगाई है।
छावनी में 15 लाख रुपये का हुआ नुकसान
आढ़ती सचिन सहगल ने बताया कि इस होलसेल सब्जी और फल मंडी में रोजाना का 15 लाख रुपये का कारोबार होता है। कोरोना काल से पहले सरकार की ओर से मार्केट फीस शून्य फीसद थी, लेकिन सरकार ने कोरोना काल से दो फीसद की वृद्धि कर दी गई थी, लेकिन अब अब सरकार इससे भी ज्यादा की वृद्धि कर रही है, जो गलत है। सरकार से अपील है कि पहले की तरह शून्य फीसद की जाए।
मार्केट फीस का कर रहे विरोध
नारायणगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा सब्जियों पर की गई मार्केट फीस में भारी वृद्धि को लेकर नारायणगढ़ के सब्जी मंडी आढ़तियों द्वारा बुधवार को पूर्ण रूप से अपनी दुकानें बंद रखी। सुबह से ही सब्जी मंडी के आढ़तियों ने इकट्ठे होकर प्रदेश सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की और प्रदेश सरकार से मांग की कि सब्जियों पर मार्केट फीस में की गई भारी वृद्धि को तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए। इसके बाद सब्जी मंडी के सभी आढ़ती मंडी प्रधान प्रवीण सहगल की अगुवाई में मार्केट कमेटी नारायणगढ़ के कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव अखिलेश शर्मा से मिले और उन्हें मुख्य प्रशासक कृषि विपणन मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि हरियाणा सरकार द्वारा सब्जियों पर एकमुश्त फीस लागू करने का जो फैसला लिया गया है, उसका सब्जी मंडी एसोसिएशन पूरी तरह से विरोध करती है और इसी विरोध स्वरूप बुधवार को सभी मंडी का कार्य भी बंद रखा गया है। इस अवसर पर मंडी उपप्रधान अमित वालिया, महासचिव दीपक बिंदल सहित अशोक मोंगा, शैंकी मयूर, बिट्टू दीवान आदि उपस्थित रहे।
यह रहे सब्जियों के दाम
मंडी के बाद रेहड़ी पर सब्जियों के दाम काफी बढ़े हुए दिखाई दिए। जिसमें प्याज 40 रुपये प्रति किलो, आलू 14 रुपये, हरी मिर्च 80 रुपये, खीरा 40 रुपये, टमाटर 30 रुपये, कद्दू 20 रुपये, लहसून 320 रुपये, नींबू 80 रुपये, सकरकंदी 50 रुपये, फूल गोभी 30 रुपये, बंद गोभी 20 रुपये, अदरक 240 रुपये, गाजर 20 रुपये, मशरूम दो सौ ग्राम का पैकेट 30 रुपये, चुकंदर 40 रुपये, भिंडी 120 रुपये, बैंगन 30 रुपये, मटर 60 रुपये, शिमला मिर्च 80 रुपये, सेम की फली 80 रुपये, मूली 20 रुपये, बथुआ 80 रुपये, ब्रोकली 120 रुपये प्रति किलोग्राम है।