जीआरपी की गिरफ्त में झपटमार। पुलिस
अंबाला। जीआरपी की गिरफ्त में आए शातिर झपटमार बंधु नगर निवासी अर्जुन ने बताया कि वर्ष 2012 में उसने पहले झपटमारी की थी। इसके बाद चार अन्य वारदात की। लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उसने यह काम पूरी तरह से छोड़ दिया था और कुछ साल तक वो सब्जी बेचने का धंधा करके पत्नी और बच्चे का भरण-पोषण कर रहा था। लेकिन कुछ समय पहले उसे चिट्टे की लत लग गई और नशे की आपूर्ति के लिए वो दोबारा से देर रात चलने वाली ट्रेनों में झपटमारी करने लगा। उसने पिछले छ माह में ही पांच से छ ऐसी वारदात को अंजाम दिया है।
इनमें उसने ऐसी महिला यात्रियों का चयन किया जो ट्रेन में अकेले सफर कर रही थी ताकि झपटमारी के दौरान उसे किसी प्रकार का नुकसान न हो और वो चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो जाए। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता इन मामलों में भी पाई गई है। इसका खुलासा आने वाले समय में होगा। उसने अक्तूबर माह में ट्रेन नंबर 22686 चंडीगढ़-यशवंतपुर एक्सप्रेस में भी एक महिला से लाखों रुपये के गहने झपट लिए थे। पीड़ित महिला को जब जीआरपी ने आरोपी अर्जुन की फोटो दिखाई तो महिला ने उसे पहचान लिया। इसी प्रकार अन्य पीड़ितों को भी अर्जुन की फोटो भेजी गई है ताकि वो उसकी शिनाख्त कर सकें। गौरतलब है कि अर्जुन ने 16 सितंबर को हीराकुंड एक्सप्रेस में एक व्यापारी से लगभग 19 लाख रुपये का सोना और मोती झपट लिए थे। जब आरोपी के हुलिए की जानकारी जीआरपी प्रभारी धर्मबीर को मिली तो उन्हें पूरा शक हो गया कि इस झपटमारी में पुराने अपराधी अर्जुन का ही हाथ है और इसकी पुष्टि उस समय व्यापारी ने की, जब उसे आरोपी अर्जुन की एक पुरानी फोटो दिखाई गई।