पंचकूला में 26 नवंबर से महापंचायत में गरेंजी मिड डे मील वर्कर्स
अंबाला सिटी। मिड-डे-मील कर्मी सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये की मांग के समर्थन में पंचकूला में होने वाले किसान-मजदूर महापड़ाव में भाग लेंगी। इसको लेकर जिला कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियस (सीटू) से संबंधित मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन की प्रधान ललिता ने कहा कि वर्कर 26 से 28 नवंबर तक 72 घंटे के महापड़ाव में शामिल होंगी। इसका आह्वान ट्रेड यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा ने मिलकर किया है।
कर्मियों की भागीदारी के लिए अंबाला शहर व कैंट में ललिता, सोनिया, अमरजीत कौर, सरोज व द्रोपती, नारायणगढ़ और शहजादपुर में राजकुमारी, नाजरा, प्रोमिला, किरण, कविता व शिक्षा, साहा में नीलम और बराड़ा में ममतेश की ड्यूटी लगाई गई है। जिला भर की कर्मी पड़ाव के पहले दिन 26 नवंबर को पंचकूला की ओर कूच करेंगी। सीटू नेता सतीश सेठी ने कहा कि भाजपा-जजपा की सरकार दलित, गरीब व महिला विरोधी रुख अख्तियार किए हुए है। वर्कर्स को एक तो मात्र 7 हजार रुपये महीना मेहनताना मिलता है।
यह मामूली सा वेतन भी साल के 12 महीनों की बजाय केवल 10 महीने का ही दिया जाता है। जिसका भुगतान भी समय पर नहीं होता। यूनियन जिला प्रधान व सचिव ने कहा कि वर्कर्स 10 की बजाय साल के पूरे 12 महीनों का मानदेय उनके बैंक खातों में जमा करवाने, सेवानिवृत्त पर दो लाख रुपये का लाभ देने, बच्चों के खाना खाने के बाद कुक को स्कूल में न रोकने, वर्दी भत्ता कम से कम दो हजार रुपये सालाना करने, मेडिकल साल में एक बार व निशुल्क करने, काम के दौरान घायल होने पर मुफ्त इलाज व 50 हजार रुपये हो। बैठक में एसकेएस के जिला वरिष्ठ उप प्रधान महावीर पाई व रोडवेज वर्कर्स यूनियन के मुख्य सलाहकार इंद्र सिंह बधाना भी विशेष रूप से मौजूद रहे।