अंबाला। कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में छावनी नागरिक अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक के साथ जिस जगह पर कोरोना के लक्षण पाए जाने वालों के सैंपल लिए जाते हैं, ठीक उसी कमरे में वैक्सीनेशन सेंटर चल रहा है। कोरोना से बचाव का टीका और बूस्टर डोज एक ही कमरे में लगाई जा रही हैं। कमरे के बाहर केवल एक पर्दा लगा है। एक तरफ स्वास्थ्य कर्मी सैंपल लेते हुए दिखाई देते हैं तो दूसरी ओर कोरोना से बचाव की डोज लेने आने वाले रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सुरक्षित लोगों को कोरोना का संक्रमण मंडराने का खतरा बना हुआ है। सैंपल ले रहे कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना शुरू होने से ही यह रूम सैंपलिंग कक्ष बना हुआ है। दूसरी ओर, वैक्सीनेशन करने वाले स्टाफ का तर्क है कि उन्हें जगह की कमी के कारण यहां पर बैठाया गया है। यह मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में है। आपसी तालमेल का अभाव होने के कारण स्वस्थ लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां तक कि वैक्सीनेशन करवाने के बाद लोग जाते हुए कई बार स्टाफ को बोल चुके हैं। खुद वैक्सीनेशन करने वाले स्टाफ सदस्य भी संक्रमित हो चुके हैं। बता दें कि वैक्सीनेशन के लिए केवल छावनी नागरिक अस्पताल में स्थायी काउंटर है। इसके अलावा अस्थाई कैंप लगाए जाते हैं।
संत निवास आश्रम से शिफ्ट हुआ था वैक्सीनेशन सेंटर
दरअसल, वैक्सीनेशन सेंटर पहले बीपीएस प्लेनेटोरियम में चल रहा था। बाद में संत निवास आश्रम एसडी विद्या स्कूल के ठीक साथ में चलाया जा रहा था। इस दौरान संत निवास में कांवड़ शिविर लगने व मरम्मत का काम चलने की वजह से वैक्सीनेशन सेंटर को छावनी नागरिक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां कमरा न मिलने के कारण उन्हें सैंपलिंग कक्ष में ही बैठा दिया।
एनक्वास की टीम से पहले बंद कर दिया था वैक्सीनेशन सेंटर
अस्पताल प्रबंधन ने तीन दिन के निरीक्षण पर आई एनक्वास की टीम से पहले ही वैक्सीनेशन सेंटर को बंद कर दिया था, ताकि वह निरीक्षण कर खामियां न निकाल सके। टीम के जाने के बाद ही दोबारा से सैंपलिंग कक्ष में ही वैक्सीनेशन का स्टाफ बैठाकर कोरोना से बचाव के टीके लगाए जा रहे हैं।
संत निवास आश्रम से शिफ्ट होने के बाद छावनी नागरिक अस्पताल में उन्हें जो कक्ष दिया गया, वहां पर स्टाफ काम कर रहा है। जगह की कमी के कारण वहां बैठे हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था बनाते ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।
-डॉ. विशाल, नोडल अधिकारी कोविड अंबाला छावनी