अंबाला। बलदेव नगर थाने में मारुति कार में धमाका करने के प्रयास मामले में एसआईटी ने अमरजीत को सात दिन के रिमांड के बाद शुक्रवार कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिमांड के दौरान अमरजीत ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान सिम भेजने के लिए वह पहले पकड़े गए सुखदेव के संग हाईवे या किसी गांव में कनोपी लगाते थे। फ्री में सिम बेचने का झांसा देकर भोलेभाले लोगों के अंगूठे बायोमैट्रिक पर लगवा लेते थे। बदले में उन्हें डमी सिम दे देते थे। इस तरह से उनकी आईडी पर असली सिम निकलवा लेते थे। यहीं सिम वह पाकिस्तान में ढाई हजार रुपये का बेचते थे। सिम मिलने के बाद वह खेत में खड़े होकर जीपीएस से लोकेशन भेजते थे। तब जाकर पाकिस्तान से ड्रोन नशा व हथियार लेकर आता था और बदले में फर्जी सिम ले जाता था। इन्हीं सिम के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स भारत में अलग-अलग फोन कर युवकों को देश विरोधी गतिविधियों के लिए झांसे में लेते थे।
अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि रिमांड के दौरान अमरजीत से उसका जला हुआ फोन व कुछ सिम भी बरामद किए है। गिरफ्तारी से पहले ही अमरजीत ने खुद को बचाने के लिए अपना फोन व कुछ सिम घर के पीछे खेत में जाकर जला दिए थे। इसके अलावा पूछताछ के दौरान मिली लीड पर काम कर रही है। अमरजीत अपने इसी नेटवर्क से खुद भी नशे तस्कर में संलिप्त था हालांकि अभी तक पकड़ा नहीं गया था। पाकिस्तान बॉर्डर से सटा गांव होने के कारण अमरजीत इसका फायदा उठाता था। अमरजीत इससे पहले भी जेल जा चुका है। संवाद
अभी तक कुल सात आरोपियों को किया जा चुका है काबू
अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में 10 जनवरी को मारुति कार खड़ी कर उसमें तीन गैस सिलिंडर के जरिये धमाका करने का प्रयास हुआ था। इस मामले में सबसे पहले एसआईटी ने पटियाला से मारुति कार खड़ी करने वाले, फिर फिरोजपुर से कर्मजीत से काम करवाने वाले सौरभ व आकाश को काबू किया था। उसके बाद सौरभ के खाते में पैसे डालने वाले फिरोजपुर निवासी रमन को काबू किया था। इनके जरिये ही अंबाला एसआईटी ने तीन ओर आरोपी अमरजीत, सत्यम, सुखदेव को काबू किया था। अभी तक इस मामले में 7 आरोपी को काबू कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
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