अंबाला कैंट। डाक विभाग में क्या योजना चल रही है, लगता है इसे लेकर अधिकारियों की दिलचस्पी नहीं है। डाक डिलीवरी कितने दिन में होती है, इसका एफिशिएंसी टेस्ट लिया जा रहा है, लेकिन हद है कि अधिकारी साफ मना कर रहे हैं कि उनको कुछ पता नहीं है। लोगों के घरों में डाक विभाग लेटर भेज रहा है, जिसे वापस डाक विभाग को पोस्ट करना है लेकिन विभाग ऐसी योजना से ही इंकार कर रहा है।
डाक विभाग को लगातार शिकायतें मिलीं कि डाक पहुंचने में कई दिन का समय लग रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने योजना बनाई कि डाक डिलीवरी (लोकल) कितने दिन में होती है, इसके बारे में जानकारी जुटाई जाए। डाक विभाग ने इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को लेटर पोस्ट किए। इस लेटर में एक पत्र व लिफाफा डाला गया। इस लेटर में मांगी गई जानकारी भरकर इस लिफाफे में डालकर डाक विभाग के नजदीकी लेटर बाक्स में डालना है। इसके बाद यह पता चल जाएगा कि आखिर लोकल डाक को अपने पते पर पहुंचने में कितना समय लगता है। लेकिन हद है कि इस बारे में डाक विभाग के अधिकारियों को ही पता नहीं, जबकि डाक विभाग द्वारा ही यह पत्र भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि ऐसे कोई पत्र नहीं भेजा जा रहा है।
यह मांगी है जानकारी
इस पत्र में जानकारी मांगी है कि यह पत्र व्यक्ति को कब और कितने बजे मिला। वापसी डाक में व्यक्ति ने किस तिथि और समय पर इसे पोस्ट किया। इसके साथ इसे कहां से पोस्ट किया गया। यदि व्यक्ति सुझाव देना चाहे, तो वह लिख सकता है।
‘मेरी जानकारी में ऐसी कोई योजना नहीं है। हां, हो सकता है कि किसी प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से इसे चलाया जा रहा हो, डाक विभाग ऐसी किसी योजना पर काम नहीं कर रहा।’
लियाकत अली, एएसपी, जीपीओ अंबाला
‘डाक विभाग ने ऐसी कोई योजना नहीं चलाई है। डाक विभाग ऐसा कोई लेटर पोस्ट नहीं कर रहा है। जो भी पत्र किसी के पास पहुंचे हैं, वे डाक विभाग ने पोस्ट नहीं किए हैं। ’
जगदीश चंद्र, एसएसपी, जीपीओ अंबाला