अंबाला। छावनी में भूमिगत नालियां गंदगी से अटी हैं। नगर परिषद गंदगी मुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए खुली नालियों को बंद करके बेशक भूमिगत पाइप डाल दिए हैं। इन पाइपों की सफाई के लिए नगर परिषद के पास कोई मशीन ही नहीं है।
जब हालात बद से बदतर होते हैं तो उधार की मशीनों के सहारे नगर परिषद वार्ड स्तर पर इन नालियों की सफाई करवाती है। मानसून की बारिश आने में 25 से 26 दिन का समय है ऐसे में नालियों की सफाई नहीं हुई तो कॉलोनियों के जलमग्न होने का खतरा बनेगा।
बिना बारिश रहती हैं जलमग्न
छावनी के कुछ वार्ड ऐसे हैं,जहां की भूमिगत नालियां बिना बारिश के ही जलमग्न रहती हैं। इसमें गोबिंद नगर, राम नगर, एकता विहार के पास गली, सुभाष नगर और हाउसिंग बोर्ड की गलियां शामिल हैं जो बरसों से जलभराव की समस्या झेलते आए हैं। हालांकि इन समस्याओं को लेकर स्थानीय निवासी लगातार नप कार्यालय पहुंचकर शिकायत भी करते हैं, लेकिन समस्या का सही तरीके से समाधान नहीं हो पाता।
संसाधनों की कमी
अंबाला छावनी को गंदगी मुक्त रखने के लिए बेशक योजनाएं तैयार हो रही हैं। लेकिन संसाधनों की कमी के चलते आज भी जगह-जगह गंदगी बिखरी पड़ी है। यही कारण है कि बिना मशीन के हाथों में पकड़े उपकरणों के सहारे भूमिगत नालियों को साफ करना नामुमकिन है। वहीं कुछ घरों के रैंप जोकि नालियों के ऊपर ही बने हुए हैं, वो भी गंदे पानी की निकासी में बाधा बने हैं।
वर्जन
गोबिंद नगर के गुरुद्वारे के साथ गली बिना बारिश के ही जलमग्न रहती है। भूमिगत पाइपों की कभी सफाई नहीं होती। इस कारण नालियां अंदर से बंद पड़ी हैं जोकि मानसून के दौरान एक बार फिर परेशानी का कारण बनेंगी।
बीरेंदर सिंह।
वर्जन
गुरुद्वारा साहिब के पास भूमिगत पाइपों से गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही। मुख्य चौक पर नालियां बंद हैं। इस समस्या के समाधान के लिए दर्जनों बार नगर परिषद में शिकायत दी, लेकिन आजतक इसका कोई भी समाधान नहीं हो पाया।
अमित पांचाल।
वर्जन
भूमिगत नालियों की सफाई के लिए एक छोटी मशीन को खरीदने की कार्यवाही चल रही है। इसके अलावा अगर कोई समस्या है तो मौके पर जाकर जांच की जाएगी कि कहीं नालियां बंद तो नहीं हैं। स्थानीय पार्षद की भी इस कार्य में मदद ली जाएगी।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष नप सदर, अंबाला।
अंबाला छावनी के गोबिंद नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब के साथ वाली गली में जलभराव। संवाद
अंबाला छावनी के गोबिंद नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब के साथ वाली गली में जलभराव। संवाद