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ऋषिनगर में पहली ही बार सर्वसम्मति से चुनी सरकार

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शहजादपुर। पहली बार बापौली ग्राम पंचायत से अलग होकर अस्तित्व में आए ऋषिनगर गांव ने पंचायत सर्वसम्मति से चुनकर मिसाल कायम कर दी। गांव में सरपंच, चार महिला व तीन पुरुष पंच सर्वसम्मति से चुने गए हैं। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार गांव को अपनी पंचायत मिली है। खंड शहजादपुर में कुछ समय पहले ही अस्तित्व में आया ऋषिनगर गांव पहले ऋषिनगर कॉलोनी (डेहा बस्ती) के नाम से जाना जाता था। यहां के लोग काफी समय कॉलोनी को गांव घोषित करवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे और उनका संघर्ष रंग लाया। प्रदेश सरकार ने ऋषिनगर कॉलोनी को गांव घोषित कर दिया।
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गांव में लगभग 550 वोट हैं। सर्वसम्मति से चुने गए बारहवीं पास सरपंच करण ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह हमारे आपसी प्रेम व भाईचारे की बदौलत ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी पंचायत ने हमारी कॉलोनी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया था। न ही कॉलोनी में विकास हुआ। यही नहीं गांव में शिक्षा का भी अभाव रहा है क्योंकि सरकारी स्कूल होता था जोकि अब दूसरे गांव में शिफ्ट कर दिया गया है। करण ने कहा कि हमारा सबसे पहला प्रयास गांव में सरकारी स्कूल खुलवाना रहेगा, ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न रहें।
पंच बोले- गांव के विकास पर रहेगा जोर
सर्वसम्मति से चुनी गई पंचायत सदस्यों राधा, राखी, आशा, पूनम देवी, अमित कुमार, राहुल व मनदीप ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारा गांव पहली बार अस्तित्व में आया है। यहां की पहली ही पंचायत सर्वसम्मति से चुनी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि से गांव में शिक्षा को बढ़ावा देने व विकास कार्य करवाए जाएंगे।
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