अंबाला। रेलवे स्टेशन को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने की प्रक्रिया अंबाला मंडल ने आरंभ कर दी है। अब यदि कोई प्लास्टिक बोतलों को स्टेशन पर जहां-तहां फेंकेगा तो उसे 200 से 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। प्लास्टिक कचरा लोग स्टेशन पर न फेंके, इसके लिए ए-1 श्रेणी प्राप्त अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर चार बोतल क्रशर मशीनें लगने जा रही हैं।
इसकी फाइनल निविदा रेलवे ने जारी कर दी है। वहीं रेलवे स्टेशन पर तैनात अधिकारियों ने भी मशीनों को लगाने की जगह का निर्धारण कर दिया है। यह मशीनें प्लेटफार्म 1 से लेकर 7 तक लगाई जाएंगी। इनमें से एक मशीन प्लेटफार्म 1 पर, 2 मशीनें प्लेटफार्म 2 व 3 पर और एक मशीन प्लेटफार्म नंबर 7 पर लगाई जाएगी। मशीनों को प्लेटफार्म के मध्य उस स्थान पर रखा जाएगा, जहां यात्रियों का आवागमन सबसे अधिक होता है, इसके लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इसके बाद वाणिज्य विभाग द्वारा जुर्माना वसूलने की कार्रवाई आरंभ अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें लगने से जहां रेलवे स्टेशन साफ व स्वच्छ नजर आएगा,वहीं इससे रेलवे को राजस्व की भी प्राप्ति होगी। इसके तहत रेलवे को तीन साल में राजस्व के तौर पर जीएसटी सहित लगभग 8.60 लाख रुपये मिलेंगे।
प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन वाले ठेकेदार के कारिंदे रेलवे स्टेशन पर तैनात रहेंगे जोकि प्लास्टिक के कचरे का निस्तारण भी करेंगे। इसके अलावा बाहर से आकर कूड़ा बिनने वालाें और प्लास्टिक की बोतलें एकत्रित करने वालों पर भी पांबदी रहेगी। इन मशीनों में ट्रेनों में खाली होने वाली पानी की बोतलों को भी नष्ट किया जाएगा।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे का सबसे अहम व व्यस्त रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन से पंजाब,हिमाचल, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड की ओरा जाने वाली करीब 300 से ट्रेनों का रोजाना संचालन होता है। इसी के चलते यहां स्टेशन पर रोज करीब 50 हजार यात्रियों व अन्य लोगों की आवाजाही रहती है।
रेलवे स्टेशन को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने की यह एक अच्छी पहल है। इस योजना के तहत अंबाला कैंट स्टेशन पर चार प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें लगाई जाएंगी। प्रथम चरण में दो मशीनों को लगाने का कार्य जल्द ही आरंभ हो जाएगा। यात्रियों को मशीन में ही प्लास्टिक की बोतलें फेंकने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।
- नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।