अंबाला सिटी। नेशनल हाईवे 152-डी व नग्गल थाना क्षेत्र से मिले संदिग्ध कैमरों के मामलों में सीआईए-1 की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के दो आरोपियों को काबू कर लिया है। इन आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन के पट्टी निवासी मनप्रीत उर्फ मन्नी व फिरोजपुर के अजीत नगर निवासी अनमोल के रूप में हुई है। कोर्ट में पेश कर दोनों आरोपियों को पांच दिन पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए अंबाला के पुलिस अधीक्षक ने तुरंत इस ब्लाइंड केस की जांच सीआईए-1 टीम को सौंप दी थी। निरीक्षक हरजिंद्र सिंह की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की मदद और अपने खुफिया सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए जाल बिछाया था।
तफ्तीश के दौरान खुली पोल, दिल्ली की तरफ था कैमरों का फोकस
मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना सेक्टर-9 में तैनात एएसआई रविश कुमार एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में शंभू टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे 152-डी के पुल पर पहुंचे थे। वहां उनकी नजर पुल पर लगे दो बेहद संदिग्ध कैमरों पर पड़ी। हैरान करने वाली बात यह थी कि इन कैमरों का फोकस पूरी तरह से दिल्ली की ओर आने-जाने वाले रास्ते पर था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा था कि सेना की हाईवे पर होने वाली मूवमेंट पर संदिग्ध की नजर थी। हालांकि इस मामले में पुलिस ने तुरंत टोल प्रशासन व नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से संपर्क किया था लेकिन किसी के कैमरे नहीं मिले थे। सीआईए-1 की टीम यह पता करेगी कि इन संदिग्ध कैमरों को लगाने का मुख्य मकसद क्या था व इनके लगाने के पीछे किन अन्य व्यक्तियों का हाथ है व
क्या इन कैमरों के जरिए कोई संवेदनशील डेटा लिया जा रहा था।
नेशनल हाईवे 152-डी व नग्गल थाना क्षेत्र से मिले संदिग्ध कैमरों के मामले में दो आरोपियों को काबू कर लिया गया है। इन आरोपियों के जरिये अन्य आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक अंबाला