अंबाला। दिल्ली पुलिस बनकर अंबाला सिटी के मॉडल टाउन निवासी योगेश को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को काबू कर लिया है। आरोपी की पहचान यमुनानगर के आजाद नगर निवासी अरुण व महिला शामिल है। साइबर अपराध की टीम ने आरोपियों से 14 सिम, 3 मोबाइल और नकदी बरामद कर ली। रविवार कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में अंबाला सिटी के मॉडल टाउन निवासी योगेश ने 27 नवंबर को तहरीर दर्ज करवाई थी कि 22 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के दौरान अज्ञात आरोपियों ने नकली पुलिस बनकर उससे एक बड़ी रकम धोखाधड़ी से हड़पने का आपराधिक कार्य किया था। इस शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू किया। अंबाला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक बने व दूसरों को भी जागरूक करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर- 1930 पर फोन करें।
यह था मामला
सरहिंद की रिम्पट यूनिवर्सिटी के दिव्यांग एसोसिएट प्रोफेसर से युवक की ओर से अपने साथियों संग दोस्ती में फंसाकर 6.11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। साइबर थाना पुलिस ने सिटी के मॉडल टाउन निवासी योगेश शर्मा की तहरीर पर प्रीति त्रिखा, अरुण त्रिखा व दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रीटा, सन्नी डिजिटल सोल्यूशन सहित अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। पीड़ित ने बताया था कि एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है व 70 प्रतिशत शारीरिक रूप से दिव्यांग है।
15 जुलाई 2025 को उसके पास फोन आया तो एक लड़की बोल रही थी। कहा कि वह आपको अच्छी से जानती हूं। बताया कि वह तलाकशुदा है। इस तरह से लड़की लगातार बात करती रही। 22 जुलाई को फोन पर बोली कि उसे स्टंट डलना है। बोली कि उसकी एफडी है लेकिन पति से तलाक होने के कारण वह रुपये नहीं निकलवा पा रही है। इस तरह से लड़की ने थोड़े थोड़े करके 79 हजार रुपये डलवा लिए। 23 जुलाई को दोबारा से दवाइयां लेने की बात बोलकर 23 हजार रुपये डलवा लिए। 24 जुलाई को 50 हजार डलवा लिए। 25 जुलाई को प्रीति त्रिखा के फोन नंबर से फोन आया कि प्रीति त्रिखा मर गई है। बोले कि उसकी लाश आकर ले जाओ। इसके बाद दिल्ली पुलिस से हैड कांस्टेबल रीटा का फोन आया कि मृतका प्रीति त्रिखा के पति ने उनके खिलाफ शिकायत दी है व उसे गिरफ्तार करने के लिए आ रहे हैं। 29 जुलाई को प्रीति त्रिखा के पति अरुण त्रिखा के बैंक खाता में 20 हजार जमा करवा दिए। इस तरह से आरोपी 60 बारी में कुल 6 लाख 11 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली।