अंबाला में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में बगावत के सुर मुखर हो गए हैं। अंबाला लोकसभा सीट से टिकट के लिए दावा ठोकने वाले राज्यपाल सूरजभान के दामाद दयाल सिंह पिंजौरी को पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस थमा दिया है।
पिंजौरी को पंद्रह दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा है, अन्यथा उन्हें पार्टी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि दयाल सिंह पिंजौरी पूर्व राज्यपाल और भाजपा में वरिष्ठ नेता रहे सूरजभान के दामाद है और खुद को इस बार अंबाला लोकसभा सीट पर प्रबल दावेदार मान रहे हैं।
उन्होंने अपनी दावेदार ठोकने के लिए अंबाला से पूर्व सांसद रहे भाजपा नेता रतनलाल कटारिया कटारिया को चुनौती दी है।
मगर कटारिया को चुनौती देकर वे खुद ही पार्टी के अनुशासन में फंसते नजर आ रहे हैं और इसी वजह से पार्टी ने उन्हें नोटिस थमा दिया है।
पिंजौरी को नोटिस में यह लिखा
‘आपके द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों की गई है तथा पार्टी में जातिवाद को लेकर अपनी लोकसभा की दावेदारी पेश की गई।
आपको ज्ञात होगा कि पार्टी हमेशा जातिवाद से ऊपर उठकर केवल राष्ट्रवाद की पक्षधर रही है। आपने यह भी कहा कि यदि रतनलाल कटारिया को टिकट दिया गया तो उनकी हार तय है। इससे पार्टी को भारी क्षति हुई है। इस प्रकार आपने पार्टी के अनुशासन को भंग किया है।
---
मेरे पास अभी नोटिस की प्रति पहुंची नहीं है। इसलिए मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। जब नोटिस आ जाएगा, तो पार्टी को उसका जवाब भी दिया जाएगा। मुझे अभी नोटिस की जानकारी नहीं है।
-दयाल सिंह पिंजौरी