अंबाला-जगाधरी हाइवे पर स्थित अंबाला कैंट के प्रमुख कैपिटल चौक पर व्याप्त बेतरतीब ट्रैफिक व्यवस्था ने फिर से एक शख्स की जान ले ली है। इस बार शिकार हुआ सेना का जवान, जिसे चौराहे पर बेकाबू ट्रक ने बुरी तरह से कुचल दिया।
ये जवान साइकिल पर अपने साथियों के साथ एक कोर्स की क्लास अटेंड कर वापस अपने क्वार्टर की ओर लौट रहा था, लेकिन इस चौक पर बेकाबू ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ये जवान मूल रूप से उत्तराखंड के जिला बागेश्वर के गांव बिजौरिया का रहने वाला राजेंद्र सिंह धामी है और इस वक्त मेरठ छावनी में तैनात है, लेकिन इन दिनों एक विशेष कोर्स के लिए वे अक्तूबर 2015 से अंबाला कैंटोनमेंट की एक यूनिट के क्वार्टर में रह रहा था।
ऐसे हुआ हादसा
जवान राजेंद्र सिंह मंगलवार को अपने साथियों के साथ साइकिल पर कोर्स की क्लास अटैंड करने गया था और वापस लौट रहा था। जैसे ही वे कैंट के कैपिटल चौक पर पहुंचा, तो उसकी साइकिल में हवा थोड़ी सी कम हो गई। अपनी साइकिल में हवा भरवाने के लिए वे चौक के साइड में रूक गया, लेकिन तभी चौराहे से गुजर रहे एक बेकाबू ट्रक ने उसे टक्कर मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गया और फिर ट्रक के पहिए ने उसे बुरी तरह से कुचल दिया। फौजी का चेहरे का हिस्सा ट्रक के टॉयल से बहुत ही दर्दनाक ढंग से कुचल गया था, जिस वजह से वहीं फौजी ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना तुरंत आर्मी पुलिस और सिविल पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को फिलहाल कैंट सिविल अस्पताल में रखवाकर सूचना परिजनों को दे दी है। इस दौरान हाइवे पर जाम की स्थिति भी बनी रही। उधर, पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को काबू भी कर लिया है।
प्रशासन नहीं ले रहा सुध
इस चौराहे पर फौजी की जान पहला हादसा नहीं है, यहां कई हादसे पहले भी हो चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासन की नींद इस चौराहे पर लगातार बढ़ रहे बेतरतीब ट्रैफिक को लेकर नहीं टूटी है। ये चौराहा बहुत ही व्यस्त चौराहों में से एक हैं। क्योंकि यहां से एक सड़क जगाधरी की ओर, दूसरी सड़क रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड की ओर, तीसरी सड़क आर्मी क्षेत्र की ओर और चौथी सड़क एयरफोर्स स्टेशन की ओर गुजरती है। दूसरा चौराहे के चारों ओर कार्मिशियल कांपलेेक्स और कई शैक्षणिक संस्थान बने हुए हैं, जिस वजह से यहां बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता है। लेकिन इस ट्रैफिक को कंट्रोल कैसे करना है? इसकी व्यस्था करने में पुलिस और प्रशासन दोनों ही अभी तक फेल साबित हुए हैं। कुछ समय पहले यहां दो बाइक सवार अलग-अलग हादसों में मौत का शिकार हुए थे, जबकि विभिन्न हादसों में अमूमन लोग घायल होते रहते हैं। लेकिन उसके बावजूद यहां ट्रैफिक को कंट्रोल नहीं किया जा रहा है। यहां चारों सड़कों के ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए लगी ट्रैफिक लाइटें कई सालों से खराब है। लिहाजा चौराहे से गुजरने वाले वाहन अपनी मर्जी से ही गुजरते हैं और हादसों का कारण बनते हैं।
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चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस तैनात रहती है। इस हादसे में भी ट्रक चालक को काबू कर लिया गया है, जबकि जवान के शव को सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों को सौंप दिया जाएगा।
-कुलदीप, चौकी प्रभारी, रेजीमेंट पुलिस-