अंबाला सिटी। सड़क हादसों में हो रही मौतों को कम करने और समय पर उपचार के लिए केंद्र सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसमें हादसों में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार मिल सकेगा।
इसी योजना के क्रम में मार्च से अभी तक 27 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 20 मामलों को स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। जिसका भुगतान आयुष्मान भारत व अन्य एजेंसियों की ओर से किया जाएगा। इस योजना में घायल चाहे तो निजी अस्पताल में भी उपचार ले सकता है।
मौतों में आएगी कमी
अक्सर ही देखने में आता था कि हादसे के बाद घायल को निजी अस्पताल की जगह सरकारी अस्पताल में प्राथमिकता दी जाती थी। जिसके कारण कई मामलों में मरीज की मौत हो जाती थी। इन्हीं मौतों को कम करने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। अब किसी भी व्यक्ति को सड़क हादसे में चोट लगती है तो वही अपना उपचार निजी अस्पताल में भी करवा सकता है। इसके लिए घायल को न तो फीस भरने की जरूरत है और न ही परिवार के किसी सदस्य का होना अनिवार्य है। सरकार की ओर से निजी अस्पताल को सरकार की ओर से भुगतान किया जाएगा। इसमें मरीज को डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार या एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहने का खर्च सरकार द्वारा दिया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों का प्रशिक्षण पूरा
इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंबाला छावनी और अंबाला सिटी के सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। तो वहीं अन्य निजी अस्पतालों को प्रशिक्षण जारी है। प्रशिक्षण में अस्पताल के कर्मचारियों को पोर्टल पर जानकारी भरने और अन्य जरूरी जानकारी भरने के बारे में बताया जा रहा है।
वर्जन
अभियान के तहत 27 मामले आए थे। जिनमें से 20 को मंजूरी मिल गई है। निजी अस्पतालों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी जारी है। इस अभियान से हादसों के बाद उपचार में देरी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा कम हो गया है।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत अंबाला।