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सैलजा गईं! अब ट्रामा सेंटर पर लगेंगे 4 करोड़

Fri, 21 Feb 2014 12:58 AM IST
अमर उजाला अंबाला
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अंबाला सिटी। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा जिले के अफसरों को ट्रामा सेंटर के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी हुई करोड़ों की ग्रांट जल्द खर्च करने के लिए फटकार लगाती रही लेकिन सियासी दबाव में फंसे अफसर इस फंड को दबाए बैठे रहे। राज्यसभा में जाने के साथ ही जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वर्ष 2012 से ट्रामा सेंटर के लिए आए फंड को अब रिलीज करने का फैसला कर लिया है।
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ऐसे खर्च होंगे 4.09 करोड़
सिविल अस्पताल अंबाला शहर के ट्रामा सेंटर में जल्द ही 3 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से सीटी स्कैन, वेंटिलेटर, आपरेशन थियेटर के लिए आधुनिक उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में ट्रामा सेंटर के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इन सुविधाओं के लिए 4.09 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध हुई थी। इनमें से 20 लाख की राशि स्थानीय स्थल पर खर्च की जा चुकी है।  जबकि अब शेष राशि के लिए उपरोक्त सामान खरीदने के लिए निदेशक स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को लिखा है।
अफसरों की लापरवाही से फंसे 6 करोड़
सैलजा ने पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ से बातचीत में स्पष्ट किया था कि ट्रामा सेंटर के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी करवाए गए विशेष फंड में से अभी 6 करोड़ की एक ओर किस्त पेंडिंग  पड़ी है। प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से अटकी हुई है। क्योंकि पहले लगभग 4 करोड़ की किस्त का यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट यानी खर्च करने उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय को नहीं पहुंचा। यूसी जैसे ही मंत्रालय को पहुंचेगी, तो दूसरी 6 करोड़ भी ट्रामा सेंटर के लिए आ जाएगा।
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देरी के लिए जिम्मेदारी तय करें डीसी
सिटी में भाजपा नेता एडवोकेट संदीप सचदेवा, इनेलो नेता एडवोकेट दिलबाग सिंह दानीपुर, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हरीश सासन व कांग्रेसी नेता विनोद धीमान के अनुसार दो साल पहले आए फंड को बिना किसी ठोस कारण के खर्च न करना और उसे दबाए रखना लोगों की सुविधाओं के साथ किए गए अन्याय के बराबर है। डीसी अंबाला डा. साकेत कुमार पहले ये स्पष्ट करें कि आखिरकार वर्ष 2012 में ट्रामा सेंटर के लिए आए  4.06 करोड़ की राशि को अब तक खर्च क्यों नहीं किया गया। में कोई दिक्कत आती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

अब तक बदल जाती  ट्रामा सेंटर की तस्वीर
अंबाला सिटी सिविल अस्पताल का ट्रामा सेंटर इसलिए बनाया गया था कि ‘रेफर टु’ पॉलिसी को खत्म किया जाए और मरीजों को यहीं चंडीगढ़ पीजीआई की तर्ज पर इमरजेंसी में उपचार दिया जाए। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से ग्रांट भी उपलब्ध करवाई गई। लेकिन वर्ष 2012 में आई 4.06 करोड़ की ग्रांट खर्च नहीं हुई। यदि समय पर ये ग्रांट खर्च हो जाती, तो 6 करोड़ की दूसरी किश्त भी जल्द मिल जाती।
मेरे सामने इस समस्या को रखा गया था। जिसका संज्ञान लेते हुए तुरंत इस राशि को रिलीज करवाकर इस खर्च करने के निर्देश दिए हैं। राशि खर्च करने पर काम चल रहा है, जल्द ही इस बजट का यूसी भी मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि दूसरी किश्त भी मंगवाई जा सके।
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-डा. साकेत कुमार, डीसी अंबाला-
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