अंबाला। हाथों व पाइप के जरिये ट्रेन के कोच की सफाई खत्म होने वाली है। अब यह कार्य चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पास वॉशिंग लाइन में बनने वाले स्वचलित कोच वॉशिंग प्लांट से संभव हो पाएगा जोकि पौने दो करोड़ की लागत से तैयार होगा। इसका ठेका जारी करके अंबाला रेल मंडल ने तुरंत काम आरंभ करवा दिया है।
आगामी छह माह में इसे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि स्वच्छता के सभी मापदंडों को सामने रखते हुए ट्रेनों की सही व उचित ढंग से साफ-सफाई हो सके। मौजूदा समय में एक ट्रेन की धुलाई व सफाई करने में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। इसके लिए आठ से 10 कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। अब यह कार्य मात्र 10 मिनट में हो जाएगा और 22 व 24 कोच की सफाई तुरंत हो जाएगी। वहीं एक कोच की धुलाई में औसतन प्रति 10 मिनट में 200 लीटर पानी खर्च होता है, लेकिन स्वचलित कोच वाशिंग प्लांट से पानी की भी बचत होगी। एक कोच की धुलाई में सिर्फ 50 से 60 लीटर पानी का ही इस्तेमाल होगा।
रिसाइकिल पानी का होगा इस्तेमाल
प्लांट लगने से 90 फीसदी पानी की बचत होती है। प्लांट की एक और खासियत यह है कि इसके माध्यम से पानी को रिसाइकिल कर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा जोकि पेड़-पौधों की सिंचाई, स्टेशन की साफ-सफाई व अन्य कार्याें में इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं प्लांट में सेंसर भी लगा होगा जो ट्रेन की धुलाई के समय कोच की निगरानी करेगा, ताकि स्क्रीन पर प्रत्येक जानकारी मिलती रहे। प्लांट में लगे बेलनाकार ब्रश और क्लीनिंग केमिकल अधिकतम आठ किमी की रफ्तार से चल रही ट्रेन की सफाई करने में सक्षम होंगे।
20 ट्रेनों की होती है धुलाई
अंबाला रेल मंडल के कालका और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से दर्जनों ट्रेनों का संचालन होता है। इन ट्रेनों का ठहराव चंडीगढ़ स्टेशन पर है। इसलिए ट्रेनों की प्रथम व द्वितीय चरण की मरम्मत भी चंडीगढ़ वॉशिंग लाइन में ही की जाती है। इसमें शताब्दी ट्रेन नंबर 12045/46, चंडीगढ़-कोच्चिवली संपर्क क्रांति 12217/18, चंडीगढ़-मडगांव संपर्क क्रांति 12449/50, चंडीगढ़-बांद्रा टर्मिनस 12451/52, चंडीगढ़-अमृतसर सुपरफास्ट 12241/42, चंडीगढ़-अमृतसर इंटरसिटी 12411/12, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ 15903/04, चंडीगढ़-मदुरई 12687/88, चंडीगढ़-यशवंतपुर संपर्क क्रांति 12685/86 व चंडीगढ़-हावड़ा मेल ट्रेन नंबर 12311/12 शामिल हैं।
चंडीगढ़ वॉशिंग लाइन में ऑटोमेटिक वॉशिंग प्लांट लगाने का प्रपोजल मुख्यालय भेजा था। इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर जारी करके काम भी शुरू करवा दिया है। आगामी छह माह में स्वचलित कोच वॉशिंग प्लांट को तैयार कर लिया जाएगा। इसके तैयार होने से ट्रेनों की धुलाई के समय और पानी की काफी बचत होगी। सबसे खास बात यह होगी कि पानी को रिसाइकिल करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
-मंदीप सिंह भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला।