अंबाला। ट्रेन नंबर 12046 चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच चली शताब्दी कैंट स्टेशन से पहले ही बीच रास्ते फंस गई। जब सच्चाई सामने आई तो यह मानवीय चूक का मामला नजर आया। जानकारी के अनुसार शताब्दी के देरी से स्टेशन पर पहुंचने का कारण दूसरी ट्रेन को शंटिंग करवाना था यानी एक रेलवे पटरी से दूसरी पटरी पर लाना। इस दौरान यह ध्यान नहीं रखा गया कि इस वजह से देश की प्रीमियम ट्रेन का संचालन बाधित हो सकता है।
आनन-फानन में तुरंत स्टेशन अधीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया जोकि जंडली पुल के नजदीक जाकर कांटा नंबर 100 के पास जांच में जुट गए। वहीं मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी पहुंच चुकी है कि आखिर किसी कर्मचारी की वजह से चंडीगढ़ शताब्दी को 30 मिनट तक बीच रास्ते रोककर रखना पड़ा। अब इसकी रिपोर्ट तैयार करके मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसी आधार पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच संचालित शताब्दी एक्सप्रेस 12046 का कैंट स्टेशन पर पहुंचने का समय दोपहर 12.43 बजे का है और ट्रेन लगभग 30 मिनट की देरी से दोपहर 1.13 बजे प्लेटफार्म एक पर पहुंची और दो मिनट के ठहराव के बाद दिल्ली की तरफ रवाना हो गई। शताब्दी के देरी की वजह से यात्री परेशान नजर आए। इस दौरान यात्री ट्रेन की जानकारी हासिल करने के लिए बार-बार पूछताछ केंद्र पर चक्कर काटते नजर आए। इनमें कुछ यात्री ऐसे भी थे, जिन्हें नई दिल्ली से आगामी सफर के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी।
मामला संज्ञान में आया है। इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट देखने के बाद ही इस पर आगामी कार्रवाई की जाएगी कि यह मानवीय चूक का मामला है या फिर कोई तकनीकी खामी।
-मंदीप सिंह भाटिया, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।