अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल के प्रसूति विभाग में पंचकूला से मैटरनल हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शालू गुप्ता के निरीक्षण में ढेरों खामियां उजागर हुई। निरीक्षण करने के लिए टीम करीब 11 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। करीब चार बजे तक चले निरीक्षण में डिप्टी डायरेक्टर के प्रसूति विभाग में दाखिल होते ही कमरे में ट्रेनी मरीज का उपचार कर रहा था। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने स्टाफ को बुलाकर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने बताया कि बिना स्टाफ की मौजदूगी में कैसे ट्रेनी उपचार कर सकती है।
इसके अलावा वार्ड में पुरुष भी घूमते मिले। कड़े निर्देश दिए कि बिना किसी बेहद जरूरी काम के पुरुष वार्ड में नहीं आएंगे। इसके अलावा टीम को वार्ड में मरीजों से जुड़े रजिस्टर भी पूरे नहीं मिले और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं ऑपरेशन थिएटर का भी जायजा लिया।
वार्ड में पहले टीम ने दाखिल जच्चा व बच्चा से उन्हें दिए जाने वाले उपचार के बारे में जाना। यहां महिलाओं को सरकार की ओर से दिए जाने वाले बादाम न मिलने का मामला सामने आया। दो -तीन महिलाएं ऐसी मिली, जिन्होंने बताया कि अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी बादाम का पैकेट नहीं मिला। ऐसे में संबंधित स्टाफ से कारण पूछा तो वह गत दिवस से सप्लाई न आने की बात कहने लगे। मामले के तूल पकड़ने से पहले ही निरीक्षण के बीच अस्पताल प्रबंधन की तरफ से आनन-फानन में करीब एक लाख रुपये के बादाम मंगवाए।
वहीं रामपुर सरसेहड़ी निवासी पूनम गुप्ता ने बताया कि 29 सितंबर को प्रसूति विभाग में प्रसव पीड़ा के चलते दाखिल हुई थी। बड़े ऑपरेशन से दूसरे बच्चे को जन्म दिया था। दो अक्तूबर को अस्पताल से छुट्टी मिली गई थी, लेकिन उन्हें बादाम का पैकेट नहीं मिला। महिला का आरोप था कि स्टाफ की तरफ से कहा गया था कि अभी बादाम नहीं हैं, बाद में आकर पता कर लेना। अब वह बादाम के पैकेट लेने के लिए चक्कर काटते रहे। वहीं साईं का बाग से आई महिला ने भी 12 दिन बाद भी बादाम न मिलने के आरोप लगाए। निरीक्षण में डॉ. शालू के साथ कंसलटेंट अभिषेक व दीपक शामिल रहे।
लक्ष्य टीम के सामने परिजनों के विरोध से जोड़कर देखा जा रहा निरीक्षण
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से इस निरीक्षण को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन गत दिवस अस्पताल में लक्ष्य की टीम ने निरीक्षण किया था। उस समय अस्पताल स्टाफ की लापरवाही का मामला उठा था, लेकिन परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी थी। आरोप लगाया था कि स्टाफ ने लापरवाही के चलते ऑपरेशन के चार दिन बाद ही टांके काट दिए गए थे। हालांकि बाद में महिला के टांके लगा दिए थे।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शालू गुप्ता ने निरीक्षण किया है। जल्द ही उनकी तरफ से निरीक्षण की रिपोर्ट भेजी जाएगी। उस रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। प्रसूति विभाग में सुधार के लिए कुछ सुझाव दिए हैं और उस पर काम किया जा रहा है।
-डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल